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मशालें जलाकर कुल्लू में धूमधाम से मनाया हालडा
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कुल्लू में लाहौल के हालडा उत्सव की धूम
लोक गायक रमेश ठाकुर ने खूब बांधा समा
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के लोग भले ही रोहतांग से इस ओर कुल्लू में रह रहे हों लेकिन अपनी संस्कृति और त्योहारों को मनाने का क्रेज आज भी लोगों में कम नहीं हुआ है। कुल्लू के भुट्टी में लाहौल-स्पीति के गाहर घाटी के लोगों ने धूमधाम के साथ हालडा उत्सव मनाया। इसमें लाहौल की गाहर घाटी के करीब तीन सौ लोगों ने शिरकत की। लोगों ने मशाल जला कर हालडा उत्सव मनाया तथा एक-दूसरे को बधाई दी।
हालडा के मौके पर लाहौली समुदाय के लोग एक जगह पर इकट्ठा हुए और जलती मशालों के साथ हालडा की परंपरा का बखूबी निर्वहन किया। कार्यक्रम में लोगों के मनोरंजन के लिए रंगारंग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इसमें लोकगायक रमेश ठाकुर ने शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। रमेश ने अपनी सुरीली आवाज में लाहौली गीत ...हालडा हो, ..टुंडे पदुरा, ..चेस्पा, ..भाई साहब जी केलांग आदि गीत गाकर दर्शकों को खूब नचाया। लोगों में हालडा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति प्रबंधक कुंगा बौध ने कहा कि सदियों से लाहौल में हालडा पर्व मनाया जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन कुल्लू में लाहौल के लोगों ने किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आने की आवश्यकता है।
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लोक गायक रमेश ठाकुर ने खूब बांधा समा
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के लोग भले ही रोहतांग से इस ओर कुल्लू में रह रहे हों लेकिन अपनी संस्कृति और त्योहारों को मनाने का क्रेज आज भी लोगों में कम नहीं हुआ है। कुल्लू के भुट्टी में लाहौल-स्पीति के गाहर घाटी के लोगों ने धूमधाम के साथ हालडा उत्सव मनाया। इसमें लाहौल की गाहर घाटी के करीब तीन सौ लोगों ने शिरकत की। लोगों ने मशाल जला कर हालडा उत्सव मनाया तथा एक-दूसरे को बधाई दी।
हालडा के मौके पर लाहौली समुदाय के लोग एक जगह पर इकट्ठा हुए और जलती मशालों के साथ हालडा की परंपरा का बखूबी निर्वहन किया। कार्यक्रम में लोगों के मनोरंजन के लिए रंगारंग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इसमें लोकगायक रमेश ठाकुर ने शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। रमेश ने अपनी सुरीली आवाज में लाहौली गीत ...हालडा हो, ..टुंडे पदुरा, ..चेस्पा, ..भाई साहब जी केलांग आदि गीत गाकर दर्शकों को खूब नचाया। लोगों में हालडा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति प्रबंधक कुंगा बौध ने कहा कि सदियों से लाहौल में हालडा पर्व मनाया जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन कुल्लू में लाहौल के लोगों ने किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आने की आवश्यकता है।
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