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कुल्लू में कर निर्धारण के 17000 लंबित मामले
Updated Thu, 14 Dec 2017 09:31 PM IST
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आयकर
- फोटो : social media
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कुल्लू। आबकारी एवं कराधान विभाग के पास कर निर्धारण के 17000 मामले लंबित पड़े हुए हैं। इन मामलों का अभी तक निपटारा नहीं हो सका है। विभाग ने कुल 17000 मामलों में से 25 फीसदी को 31 मार्च से पहले निपटाने का लक्ष्य रखा है। जिस पर विभाग ने एक प्लान भी तैयार किया है। जिसके तहत प्रति सप्ताह एक लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा।
लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग के कर्मचारी कार्य करेंगे। कर निर्धारण में व्यापारी की ओर से विभाग के पास टैक्स जमा किया जाता है। इसके बाद विभाग द्वारा उक्त व्यापारी के रिकार्ड की जांच की जाती है। उसकी रिर्टन, बिल बुक और भरे गए टैक्स की जांच करनी होती है कि जो टैक्स उक्त व्यापारी द्वारा भरा गया है। वह सही है या फिर व्यापारी ने टैक्स चोरी किया है। जिला में कुल 5400 व्यापारियों में संदर्भ में कर निर्धारण के लंबित मामलों को विभाग को निपटाना है। गौर रहे कि यह सभी मामले वैट के हैं। पुराने मामलों को निपटाने के बाद जीएसटी के तहत व्यापारियों से कर निर्धारण की प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। हालांकि लंबित मामलों को निपटाने में विभाग को समय लग सकता है।
इधर आबकारी एवं कराधान विभाग के कुल्लू और लाहौल स्पीति के ईटीओ नरेंद्र सेन ने कहा कि विभाग के पास कर निर्धारण के कुल 17000 मामले लंबित पड़े हैं। लंबित मामलों को निपटाने के लिए सप्ताह रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक 25 फीसदी मामलों का निपटारा किया जाएगा।
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लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग के कर्मचारी कार्य करेंगे। कर निर्धारण में व्यापारी की ओर से विभाग के पास टैक्स जमा किया जाता है। इसके बाद विभाग द्वारा उक्त व्यापारी के रिकार्ड की जांच की जाती है। उसकी रिर्टन, बिल बुक और भरे गए टैक्स की जांच करनी होती है कि जो टैक्स उक्त व्यापारी द्वारा भरा गया है। वह सही है या फिर व्यापारी ने टैक्स चोरी किया है। जिला में कुल 5400 व्यापारियों में संदर्भ में कर निर्धारण के लंबित मामलों को विभाग को निपटाना है। गौर रहे कि यह सभी मामले वैट के हैं। पुराने मामलों को निपटाने के बाद जीएसटी के तहत व्यापारियों से कर निर्धारण की प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। हालांकि लंबित मामलों को निपटाने में विभाग को समय लग सकता है।
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इधर आबकारी एवं कराधान विभाग के कुल्लू और लाहौल स्पीति के ईटीओ नरेंद्र सेन ने कहा कि विभाग के पास कर निर्धारण के कुल 17000 मामले लंबित पड़े हैं। लंबित मामलों को निपटाने के लिए सप्ताह रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक 25 फीसदी मामलों का निपटारा किया जाएगा।
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