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लाहौल परमिट पर रोहतांग दर्रा में हो रही मौज मस्ती
Updated Sat, 10 Jun 2017 10:04 PM IST
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कुल्लू। लाहौल परमिट पर रोहतांग दर्रा में बर्फ के बीच मौज मस्ती हो रही है। शातिर लाहौल परमिट पर कोकसर चौकी में पंजीकरण करवा चंद घंटों में मनाली के लिए वापस हो रहे हैं। इन्हें कायदे से लाहौल घाटी में प्रवेश करना होता है। कोकसर लाहौल घाटी प्रवेश द्वार है।
रोजाना पांच सौ एक हजार वाहनों के लिए रोहतांग से आगे के लिए आनलाइन और ऑफलाइन परमिट जारी हो रहे हैं, लेकिन अधिकतर वाहन कोकसर से आगे घाटी में दाखिल नहीं हो रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए लाहौल-स्पीति की कोकसर चौकी में पंजीकरण कर वाहन रोहतांग होते हुए मनाली वापस लौट रहे हैं। जिससे लाहौल घाटी का पर्यटन मंदा हो गया है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार एक दिन में केवल 12 सौ वाहन ही रोहतांग दर्रा जा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन मिलने वाला परमिट जरूरी है। जबकि लाहौल के लिए भी ऑनलाइन परमिट हासिल किया जा सकता है। 12 सौ परमिट चंद मिनटों में ही देशभर से बुक होने के बाद लाहौल घाटी के लिए परमिट लिए जा रहे हैं। जिसके तहत गुलाबा बैरियर से वाहनों को जाने की अनुमति है। यहां से रोहतांग पहुंच कर पर्यटक व स्थानीय बर्फ में मौज मस्ती कर रहे हैं। रोहतांग से करीब 20 किलोमीटर आगे लाहौल-स्पीति जिला की कोकसर चौकी में वाहन पंजीकरण कर परमिट में मुहर लगाकर वापस हो रहे हैं। जबकि परमिट आगे जाने के लिए होता है। वापसी पर परमिट पर मुहर लगी होने पर गुलाबा बैरियर से वाहनों को जाने की अनुमति मिल जाती है। इस तरह रोजाना एनजीटी के आदेशों की अवहेलना हो रही है।
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एक-दूसरे पर थोपी जा रही जिम्मेवारी
मुद्दा दो जिलों के बीच होने के चलते प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेवारी थोप रहे हैं। जिस कारण एनजीटी के आदेशों की अवहेलना हो रही है। लाहौल-स्पीति प्रशासन परमिट कुल्लू प्रशासन की तरफ जारी होने की बात कह रहा है। कुल्लू प्रशासन लाहौल-स्पीति की कोकसर चौकी हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा है। आपसी समन्वय न होने के चलते अब दिक्कतें पेश आ रही हैं।
लाहौल में ऑक्युपेंसी कम : टशी
लाहौल में पर्यटकों की आवाजाही कम होने से पर्यटन व्यवसायी परेशान है। पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। होटल एसोसिएशन लाहौल के प्रधान वीर सिंह, उपप्रधान अजय, महासचिव टशी ने बताया कि गत वर्ष मुकाबले इस बार ऑक्यूपेंसी बेहद कम है। पर्यटकों को लाहौल आने के लिए दिक्कतों को सामाना करना पड़ रहा है। प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए।
नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। लाहौल के परमिट पर वापसी के मामलों को लेकर लाहौल-स्पीति प्रशासन से बातचीत की जाएगी। -एचआर बेरवा, एसडीएम मनाली।
परमिट कुल्लू प्रशासन की ओर से जारी होते हैं। जारी परमिट व कोकसर चौकी पंजीकरण वाहनों को लेकर पता किया जाएगा। लाहौल परमिट पर घाटी में आना जरूरी है। -देवा सिंह नेगी, डीसी लाहौल-स्पीति।
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रोजाना पांच सौ एक हजार वाहनों के लिए रोहतांग से आगे के लिए आनलाइन और ऑफलाइन परमिट जारी हो रहे हैं, लेकिन अधिकतर वाहन कोकसर से आगे घाटी में दाखिल नहीं हो रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए लाहौल-स्पीति की कोकसर चौकी में पंजीकरण कर वाहन रोहतांग होते हुए मनाली वापस लौट रहे हैं। जिससे लाहौल घाटी का पर्यटन मंदा हो गया है।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार एक दिन में केवल 12 सौ वाहन ही रोहतांग दर्रा जा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन मिलने वाला परमिट जरूरी है। जबकि लाहौल के लिए भी ऑनलाइन परमिट हासिल किया जा सकता है। 12 सौ परमिट चंद मिनटों में ही देशभर से बुक होने के बाद लाहौल घाटी के लिए परमिट लिए जा रहे हैं। जिसके तहत गुलाबा बैरियर से वाहनों को जाने की अनुमति है। यहां से रोहतांग पहुंच कर पर्यटक व स्थानीय बर्फ में मौज मस्ती कर रहे हैं। रोहतांग से करीब 20 किलोमीटर आगे लाहौल-स्पीति जिला की कोकसर चौकी में वाहन पंजीकरण कर परमिट में मुहर लगाकर वापस हो रहे हैं। जबकि परमिट आगे जाने के लिए होता है। वापसी पर परमिट पर मुहर लगी होने पर गुलाबा बैरियर से वाहनों को जाने की अनुमति मिल जाती है। इस तरह रोजाना एनजीटी के आदेशों की अवहेलना हो रही है।
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एक-दूसरे पर थोपी जा रही जिम्मेवारी
मुद्दा दो जिलों के बीच होने के चलते प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेवारी थोप रहे हैं। जिस कारण एनजीटी के आदेशों की अवहेलना हो रही है। लाहौल-स्पीति प्रशासन परमिट कुल्लू प्रशासन की तरफ जारी होने की बात कह रहा है। कुल्लू प्रशासन लाहौल-स्पीति की कोकसर चौकी हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा है। आपसी समन्वय न होने के चलते अब दिक्कतें पेश आ रही हैं।
लाहौल में ऑक्युपेंसी कम : टशी
लाहौल में पर्यटकों की आवाजाही कम होने से पर्यटन व्यवसायी परेशान है। पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। होटल एसोसिएशन लाहौल के प्रधान वीर सिंह, उपप्रधान अजय, महासचिव टशी ने बताया कि गत वर्ष मुकाबले इस बार ऑक्यूपेंसी बेहद कम है। पर्यटकों को लाहौल आने के लिए दिक्कतों को सामाना करना पड़ रहा है। प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए।
नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। लाहौल के परमिट पर वापसी के मामलों को लेकर लाहौल-स्पीति प्रशासन से बातचीत की जाएगी। -एचआर बेरवा, एसडीएम मनाली।
परमिट कुल्लू प्रशासन की ओर से जारी होते हैं। जारी परमिट व कोकसर चौकी पंजीकरण वाहनों को लेकर पता किया जाएगा। लाहौल परमिट पर घाटी में आना जरूरी है। -देवा सिंह नेगी, डीसी लाहौल-स्पीति।