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कारगा में बनेगा सात करोड़ से मार्केटिंग यार्ड
Updated Mon, 19 Nov 2018 06:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र के किसानों को अब मिट्टी परीक्षण के लिए 150 किमी दूर कुल्लू नहीं जाना पड़ेगा। कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने सोमवार को केलांग में 1 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से बनने वाली मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की आधारशिला रखी। इससे पहले मारकंडा ने कारगा में 7 करोड़ की लागत से बनने वाली मार्केटिंग यार्ड की नींव रखी।
कृषि मंत्री ने कहा कि इससे पहले मृदा परीक्षण के लिए जनजातीय क्षेत्र के किसानों को 150 किमी दूर कुल्लू जाना पड़ता था। लेकिन अब किसान केलांग में ही अपने खेतों की मृदा परीक्षण कर पाएंगे। भवन के धरातल में दुकानें, दूसरी मंजिल में मृदा परीक्षण लैब, तीसरे में कर्मचारियों के लिए आवास और चौथे मंजिल में किसान भवन का निर्माण किया जाएगा। इस पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका सारा खर्च खुद कृषि विभाग वहन करेगा। मारकंडा ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक साल के भीतर मृदा परीक्षण लैब को तैयार किया जाएगा। इससे पहले मारकंडा ने विश्व शौचालय दिवस पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस मौके पर स्वच्छता में बेहतर कार्य करने के लिए गौशाल और तांदी पंचायत को सम्मानित किया। मारकंडा ने कहा कि रोहतांग टनल बनने के बाद लाहौल घाटी में पर्यटकों की भीड़ बढ़ेगी। लिहाजा आम लोगों के साथ मिलकर जिला प्रशासन को अभी से स्वच्छता को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इस दौरान जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने दो पिट वाले शौचालय के संदर्भ में विस्तार से बताया। डोगरा ने कहा कि इस शौचालय की खाद निर्माण में भी अहम भूमिका है। कृषि मंत्री पांच दिवसीय लाहौल दौरा पूरा कर सोमवार को शिमला लौट गए। इस दौरान उनके साथ डीसी अश्वनी कुमार चौधरी, एसपी राजेश धर्माणी, एसडीएम अमर नेगी, सुभाष गौतम, डीएसपी हरीश, टीएससी मेंबर शमशेर, नवांग उपासक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र के किसानों को अब मिट्टी परीक्षण के लिए 150 किमी दूर कुल्लू नहीं जाना पड़ेगा। कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने सोमवार को केलांग में 1 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से बनने वाली मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की आधारशिला रखी। इससे पहले मारकंडा ने कारगा में 7 करोड़ की लागत से बनने वाली मार्केटिंग यार्ड की नींव रखी।
कृषि मंत्री ने कहा कि इससे पहले मृदा परीक्षण के लिए जनजातीय क्षेत्र के किसानों को 150 किमी दूर कुल्लू जाना पड़ता था। लेकिन अब किसान केलांग में ही अपने खेतों की मृदा परीक्षण कर पाएंगे। भवन के धरातल में दुकानें, दूसरी मंजिल में मृदा परीक्षण लैब, तीसरे में कर्मचारियों के लिए आवास और चौथे मंजिल में किसान भवन का निर्माण किया जाएगा। इस पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका सारा खर्च खुद कृषि विभाग वहन करेगा। मारकंडा ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक साल के भीतर मृदा परीक्षण लैब को तैयार किया जाएगा। इससे पहले मारकंडा ने विश्व शौचालय दिवस पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस मौके पर स्वच्छता में बेहतर कार्य करने के लिए गौशाल और तांदी पंचायत को सम्मानित किया। मारकंडा ने कहा कि रोहतांग टनल बनने के बाद लाहौल घाटी में पर्यटकों की भीड़ बढ़ेगी। लिहाजा आम लोगों के साथ मिलकर जिला प्रशासन को अभी से स्वच्छता को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इस दौरान जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने दो पिट वाले शौचालय के संदर्भ में विस्तार से बताया। डोगरा ने कहा कि इस शौचालय की खाद निर्माण में भी अहम भूमिका है। कृषि मंत्री पांच दिवसीय लाहौल दौरा पूरा कर सोमवार को शिमला लौट गए। इस दौरान उनके साथ डीसी अश्वनी कुमार चौधरी, एसपी राजेश धर्माणी, एसडीएम अमर नेगी, सुभाष गौतम, डीएसपी हरीश, टीएससी मेंबर शमशेर, नवांग उपासक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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