kullu: भारी बारिश ने मचाई तबाही, कुल्लू जिले में 31 सड़कों पर आवाजाही ठप
बाह्य सराज से मनाली तक 31 सड़कें वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद हैं। कई सड़कों की हालत तो इतनी खस्ता हो गई कि उन्हें बहाल करने में लोक निर्माण विभाग को कड़ी मशक्कत करनी होगी।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में रविवार को भारी बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को तहस-नहस कर दिया है। बरसात से जगह-जगह सड़कों पर भूस्खलन होने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। इससे लोगों को उपमंडल और जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए मीलों का पैदल सफर करना पड़ रहा है।बाह्य सराज से मनाली तक 31 सड़कें वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद हैं। कई सड़कों की हालत तो इतनी खस्ता हो गई कि उन्हें बहाल करने में लोक निर्माण विभाग को कड़ी मशक्कत करनी होगी। पहाड़ों से सड़कों पर मलबे के साथ विशालकाय पेड़, चट्टानें भी आ गई हैं। इसके अलावा डंगे भी गिर गए हैं। मणिकर्ण की तोष सड़क का करीब 50 मीटर हिस्सा टूट गया है।
भूस्खलन का सबसे अधिक असर बंजार घाटी में हुआ, जहां सबसे अधिक 19 सड़कें बंद हो गई हैं। मनाली में चार, बाह्य सराज में सात और कुल्लू में एक सड़क प्रभावित है। सड़कों के साथ गांवों को जोड़ने वाले रास्ते भी टूट गए हैं। बरसात से बंजार, सैंज तथा गड़सा घाटी में 34 और मणिकर्ण में भी बिजली के चार ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं। करीब 40 गांव के लोगों को रातभर अंधेरे में रात के अंधेरे में रहना पड़ रहा है। भूस्खलन से बिजली के पोल व तार टूट गए हैं। बिजली बोर्ड बिजली को रिस्टोर करने में जुट गया और शाम तक 80 फीसदी ट्रांसफार्मरों को बहाल करने का दावा किया है। बिजली बोर्ड के अधीक्षक अभियंता संजय कौशल ने कहा कि बिजली को बहाल करने का काम जारी है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि बरसात से बंद सड़कों, बिजली व पानी को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया है।