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कोसी नदी में पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:48 AM IST
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स्वार (रामपुर)। कई दिनों से पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश एवं उत्तराखंड के रामनगर बैराज से कोसी नदी में लगातार पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। रविवार को छोड़े गए पानी से कोसी फिर से उफान पर आ गई थी। सोमवार को जैसे-जैसे नदी का जलस्तर कम हुआ। नदी ने कटान तेज कर दिया, जिससे नदी किनारे गांव के तमाम लोगों में इसको लेकर चिंता बनी है। वहीं, मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से कोसी नदी पर बने बांध को मिट्टी खिसक जाने बांध के जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। बांध में जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं।
सोमवार को उत्तराखंड के रामनगर बैराज से कोसी नदी में छोड़े गए पानी के बाद कोसी नदी खतरे के निशान तक आ गई थी। सोमवार को जल स्तर जैसे ही कम हुआ। नदी की तेज धार ने किसानों की फसलें, भूमि का कटान करना शुरू कर दिया। किसान फसलों को बचाने की जुगत में लग गए हैं। वहीं मैदानी इलाकों में भी हो रही लगातार बारिश से कोसी नदी पर 14 करोड़ से बने बांध की मिट्टी खिसक जाने से बांध के स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है और बांध में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं । अगर कोसी नदी की धार बांध से टकराई तो तो बांध क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ेगी। फाजलपुर, धनोरी, मधुपुरी बन्दरपुरा, के ग्रामीणों का कहना है कि बांध पर कई स्थानों में गहरे गड्ढे जो कि खतरनाक साबित हो रहे है। उन्हें आशंका है कि कि कोसी में पानी आ जाने से जगह जगह से क्षतिग्रस्त बांध पानी के तेज बहाव को नहीं सह पाएगा। शिकायत के बाद भी सिंचाईं विभाग बांध की कोई सुध नहीं ले रहा है। एसडीएम लालता प्रसाद शाक्य ने बताया कि कोसी नदी में छोड़ा गया पानी पास हो गया है। नदी कटान कर रही है जिन किसानों की भूमि व फसलों को नुकसान हुआ है। उसका सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा ।
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सोमवार को उत्तराखंड के रामनगर बैराज से कोसी नदी में छोड़े गए पानी के बाद कोसी नदी खतरे के निशान तक आ गई थी। सोमवार को जल स्तर जैसे ही कम हुआ। नदी की तेज धार ने किसानों की फसलें, भूमि का कटान करना शुरू कर दिया। किसान फसलों को बचाने की जुगत में लग गए हैं। वहीं मैदानी इलाकों में भी हो रही लगातार बारिश से कोसी नदी पर 14 करोड़ से बने बांध की मिट्टी खिसक जाने से बांध के स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है और बांध में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं । अगर कोसी नदी की धार बांध से टकराई तो तो बांध क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ेगी। फाजलपुर, धनोरी, मधुपुरी बन्दरपुरा, के ग्रामीणों का कहना है कि बांध पर कई स्थानों में गहरे गड्ढे जो कि खतरनाक साबित हो रहे है। उन्हें आशंका है कि कि कोसी में पानी आ जाने से जगह जगह से क्षतिग्रस्त बांध पानी के तेज बहाव को नहीं सह पाएगा। शिकायत के बाद भी सिंचाईं विभाग बांध की कोई सुध नहीं ले रहा है। एसडीएम लालता प्रसाद शाक्य ने बताया कि कोसी नदी में छोड़ा गया पानी पास हो गया है। नदी कटान कर रही है जिन किसानों की भूमि व फसलों को नुकसान हुआ है। उसका सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा ।
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