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जिला कुल्लू में 300 देवी देवताओं के कपाट बंद
Updated Fri, 15 Dec 2017 09:48 PM IST
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devta
- फोटो : अमर उजाला
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कुल्लू। पोष संक्रांति का महीना शुरू होते ही जिला कुल्लू के 300 से अधिक देवी देवता स्वर्ग लोक के लिए रवाना हो गए हैं। स्वर्ग प्रवास पर जाने वाले देवी देवताओं के कपाट भी बंद हो गए हैं। माघ महीने तक देवालयों में न तो देव पूछ होगी और न ही कोई धार्मिक अनुष्ठान व मेले।
खुडीजल के साथ अधिष्ठाता बिजली महादेव, टकरासी नाग, रावल ऋषि, माता बूढ़ी नागिन, देवता शांघडू सहित बंजार, सैंज, खराहल, मणिकर्ण तथा ऊझी घाटी के देवी देवता स्वर्ग लोक के लिए रवाना हो गए हैं। माघ महीने में देवी देवताओं के पृथ्वी लोक में आने बाद हरियान क्षेत्र में सालभर की भविष्यवाणी करेंगे। देवता खुडीजल के पुजारी पूर्ण शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को देवता का कपाट बंद हो गया है। इस संबंध में जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि जिला के अधिकतर मुख्य देवी-देवता पोष संक्रांति से स्वर्ग लोक के लिए रवाना होते हैं जबकि कुुछ देवता माघ महीने में जाएंगे। संघ के पास 555 देवी देवता पंजीकृत है।
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खुडीजल के साथ अधिष्ठाता बिजली महादेव, टकरासी नाग, रावल ऋषि, माता बूढ़ी नागिन, देवता शांघडू सहित बंजार, सैंज, खराहल, मणिकर्ण तथा ऊझी घाटी के देवी देवता स्वर्ग लोक के लिए रवाना हो गए हैं। माघ महीने में देवी देवताओं के पृथ्वी लोक में आने बाद हरियान क्षेत्र में सालभर की भविष्यवाणी करेंगे। देवता खुडीजल के पुजारी पूर्ण शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को देवता का कपाट बंद हो गया है। इस संबंध में जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि जिला के अधिकतर मुख्य देवी-देवता पोष संक्रांति से स्वर्ग लोक के लिए रवाना होते हैं जबकि कुुछ देवता माघ महीने में जाएंगे। संघ के पास 555 देवी देवता पंजीकृत है।
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