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अब अपंजीकृत होटल एनजीटी की रडार पर
Updated Fri, 23 Nov 2018 06:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। एनजीटी के आदेश पर कुल्लू-मनाली के पंजीकृत 699 होटलों की जांच के बाद अब पर्यटन नगरी मनाली के सैकड़ों अपंजीकृत होटलों की जांच होगी। इसके लिए प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एनटीजी ने कुल्लू-मनाली के 1700 होटलों, रेस्तरां व होम स्टे की जांच करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन अभी तक एनजीटी की गठित टीमों ने कुल्लू-मनाली के पंजीकृत होटलों की जांच की है। सैकड़ों होटल ऐसे हैं, जिनका पर्यटन विभाग के पास पंजीकरण ही नहीं हुआ है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सख्त रुख से होटलियरों में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि एनजीटी में प्रदेश सरकार की ओर से सौंपी गई 699 होटलों की रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने विशेष विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो पंजीकृत होटलों की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। ऐसे में अपंजीकृत होटलों की जांच बाद में हो सकेगी। फिलहाल प्रदेश सरकार, जांच कमेटियों व होटलियरों की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी है, जो जनवरी में होगी। बताया जा रहा है कि कुल्लू-मनाली में अपंजीकृत होटलों व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या पंजीकृत प्रतिष्ठानों से अधिक है। ऐसे में अब बिना पंजीकृत व्यवसायिक प्रतिष्ठान एनजीटी के रडार पर हैं।
समस्या को दूर करे सरकार : अनूप
होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि एनजीटी मनाली में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर अपना काम कर रही है। पर्यावरण को लेकर मनाली में समस्या आ रही है, उसे प्रदेश सरकार की ओर से दूर किया जाना चाहिए। इसको लेकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मिलकर सभी मांगें भी रखी हैं।
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पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटलों की जांच पूरी कर सितंबर माह में एनजीटी को सौंप दी है। आगे एनजीटी के जो भी आदेश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
-अक्षय सूद, एडीएम, कुल्लू
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कुल्लू। एनजीटी के आदेश पर कुल्लू-मनाली के पंजीकृत 699 होटलों की जांच के बाद अब पर्यटन नगरी मनाली के सैकड़ों अपंजीकृत होटलों की जांच होगी। इसके लिए प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एनटीजी ने कुल्लू-मनाली के 1700 होटलों, रेस्तरां व होम स्टे की जांच करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन अभी तक एनजीटी की गठित टीमों ने कुल्लू-मनाली के पंजीकृत होटलों की जांच की है। सैकड़ों होटल ऐसे हैं, जिनका पर्यटन विभाग के पास पंजीकरण ही नहीं हुआ है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सख्त रुख से होटलियरों में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि एनजीटी में प्रदेश सरकार की ओर से सौंपी गई 699 होटलों की रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने विशेष विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो पंजीकृत होटलों की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। ऐसे में अपंजीकृत होटलों की जांच बाद में हो सकेगी। फिलहाल प्रदेश सरकार, जांच कमेटियों व होटलियरों की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी है, जो जनवरी में होगी। बताया जा रहा है कि कुल्लू-मनाली में अपंजीकृत होटलों व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या पंजीकृत प्रतिष्ठानों से अधिक है। ऐसे में अब बिना पंजीकृत व्यवसायिक प्रतिष्ठान एनजीटी के रडार पर हैं।
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समस्या को दूर करे सरकार : अनूप
होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि एनजीटी मनाली में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर अपना काम कर रही है। पर्यावरण को लेकर मनाली में समस्या आ रही है, उसे प्रदेश सरकार की ओर से दूर किया जाना चाहिए। इसको लेकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मिलकर सभी मांगें भी रखी हैं।
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पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटलों की जांच पूरी कर सितंबर माह में एनजीटी को सौंप दी है। आगे एनजीटी के जो भी आदेश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
-अक्षय सूद, एडीएम, कुल्लू