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कुल्लू में पांच जगहों पर मनाया जाएगा दशहरा पर्व
Updated Thu, 18 Oct 2018 09:48 PM IST
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मणिकर्ण और हरिपुर में भी निकलेगी माधोराय की शोभायात्रा
कुल्लू मेें पांच जगहों पर मनाया जाएगा दशहरा पर्व
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। ढालपुर मैदान में सैकड़ों देवी देवताओं के महाकुंभ का आगाज हो गया है। जिला में दशहरा पांच जगहों ढालपुर, मणिकर्ण, नग्गर के ठावा, हरिपुर और वशिष्ठ में मनाया जाएगा। मणिकर्ण, हरिपुर, नग्गर ठावा में भी भगवान राम की शोभायात्रा निकलेगी। इसमें भी सैकड़ों लोग शामिल होंगे।
कुल्लू दशहरे का इतिहास करीब चार सौ साल पुराना है। जिला मुख्यालय के साथ कुल्लू घाटी में पांच जगहों पर दशहरा उत्सव मनाया जाता है। अयोध्या से भगवान रघुनाथ की मूर्ति को लाने के बाद इसे सबसे पहले मणिकर्ण में रखा गया था। यहां राम मंदिर का निर्माण किया गया है। दशहरे के दिन से पांच दिन तक धार्मिक नगरी मणिकर्ण में दशहरा उत्सव की धूम रहती है। यहां दशहरा में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियों को मंदिर से निकाल कर रथ पर स्थापित रथयात्रा शुरू होती है। उसी प्रकार से नग्गर के ठावा में भी दशहरा पर्व का आयोजन होगा। यहां राधा और कृष्ण की मूर्ति को रथ में रखा जाता है। हरिपुर में माधोराय रथ पर सवार होकर सैकड़ों लोगों द्वारा रथ को खींचा जाएगा। वहीं, ऊझी घाटी के वशिष्ठ में भी दशहरा का आयोजन पारंपरिक तरीके से किया जाएगा। वशिष्ठ में सभी देव परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा। जिला देवी देवता कारदार संघ के पूर्व अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि कुल्लू घाटी में पांच जगहों पर दशहरा उत्सव को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
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कुल्लू मेें पांच जगहों पर मनाया जाएगा दशहरा पर्व
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। ढालपुर मैदान में सैकड़ों देवी देवताओं के महाकुंभ का आगाज हो गया है। जिला में दशहरा पांच जगहों ढालपुर, मणिकर्ण, नग्गर के ठावा, हरिपुर और वशिष्ठ में मनाया जाएगा। मणिकर्ण, हरिपुर, नग्गर ठावा में भी भगवान राम की शोभायात्रा निकलेगी। इसमें भी सैकड़ों लोग शामिल होंगे।
कुल्लू दशहरे का इतिहास करीब चार सौ साल पुराना है। जिला मुख्यालय के साथ कुल्लू घाटी में पांच जगहों पर दशहरा उत्सव मनाया जाता है। अयोध्या से भगवान रघुनाथ की मूर्ति को लाने के बाद इसे सबसे पहले मणिकर्ण में रखा गया था। यहां राम मंदिर का निर्माण किया गया है। दशहरे के दिन से पांच दिन तक धार्मिक नगरी मणिकर्ण में दशहरा उत्सव की धूम रहती है। यहां दशहरा में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियों को मंदिर से निकाल कर रथ पर स्थापित रथयात्रा शुरू होती है। उसी प्रकार से नग्गर के ठावा में भी दशहरा पर्व का आयोजन होगा। यहां राधा और कृष्ण की मूर्ति को रथ में रखा जाता है। हरिपुर में माधोराय रथ पर सवार होकर सैकड़ों लोगों द्वारा रथ को खींचा जाएगा। वहीं, ऊझी घाटी के वशिष्ठ में भी दशहरा का आयोजन पारंपरिक तरीके से किया जाएगा। वशिष्ठ में सभी देव परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा। जिला देवी देवता कारदार संघ के पूर्व अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि कुल्लू घाटी में पांच जगहों पर दशहरा उत्सव को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
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