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बगीचे में 1300 रुपये में बिक रही सेब की पेटी
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सेब सीजन की आहट के बीच व्यापारी व आढ़ती सक्रिय हो गए हैं। व्यापारी बगीचों में ही सेब की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। बागवानों को 25 किलो के कार्टन (सेब पेटी) का भाव 1300 रुपये घरद्वार मिल रहा है। जिला कुल्लू में अगस्त माह के पहले हफ्ते से सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा।
घाटी में सेब की कम पैदावार को देखते हुए इस बार आढ़ती व व्यापारी बागवानों के घरद्वार ही सेब खरीद रहे हैं। मौसम की मार से करीब 70 फीसदी सेब की फसल तबाह होने से बागवानों को सबसे अधिक नुकसान भारी ओलावृष्टि व आंधी ने पहुंचाया। सेब के कम उत्पादन के चलते बागवानों को सेब का उम्दा दाम मिल रहा है। बागवान बिना किसी मेहनत के 1300 रुपये प्रति सेब पेटी देने में ही अपना फायदा देख रहे हैं। बागवान पूर्ण शर्मा, सागर दास, तिलक राज, कमलू राम ठाकुर, रमेश ठाकुर, बालक राम, तेज राम, कर्म सिंह ठाकुर, भोला राम, चुनी लाल तथा हंस राज ने कहा कि करशैईगाड़ घाटी में व्यापारियों ने 1300 रुपये पेटी के हिसाब से बगीचों की बोली लगाई है। यह पिछले सीजन से लगभग 20 से 25 फीसदी अधिक है। उद्यान विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. राज कुमार शर्मा ने कहा कि इस साल ओलावृष्टि व आंधी से सेब को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला में सेब की करीब 40 लाख पेटियों के उत्पादन का अनुमान है।
जिला में होता है एक करोड़ पेटियों का उत्पादन
कुल्लू जिला में 26 हजार हेक्टेयर में सेब के बगीचे लगाए गए हैं। बागवानी से कुल्लू के करीब 90 फीसदी परिवार जुड़े हैं। घाटी में 70 हजार से अधिक बागवानों की आर्थिकी बागवानी है। जिला में लगभग एक करोड़ सेब पेटियों का उत्पादन होता है। लेकिन इस वर्ष उत्पादन बहुत कम है।
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कुल्लू। सेब सीजन की आहट के बीच व्यापारी व आढ़ती सक्रिय हो गए हैं। व्यापारी बगीचों में ही सेब की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। बागवानों को 25 किलो के कार्टन (सेब पेटी) का भाव 1300 रुपये घरद्वार मिल रहा है। जिला कुल्लू में अगस्त माह के पहले हफ्ते से सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा।
घाटी में सेब की कम पैदावार को देखते हुए इस बार आढ़ती व व्यापारी बागवानों के घरद्वार ही सेब खरीद रहे हैं। मौसम की मार से करीब 70 फीसदी सेब की फसल तबाह होने से बागवानों को सबसे अधिक नुकसान भारी ओलावृष्टि व आंधी ने पहुंचाया। सेब के कम उत्पादन के चलते बागवानों को सेब का उम्दा दाम मिल रहा है। बागवान बिना किसी मेहनत के 1300 रुपये प्रति सेब पेटी देने में ही अपना फायदा देख रहे हैं। बागवान पूर्ण शर्मा, सागर दास, तिलक राज, कमलू राम ठाकुर, रमेश ठाकुर, बालक राम, तेज राम, कर्म सिंह ठाकुर, भोला राम, चुनी लाल तथा हंस राज ने कहा कि करशैईगाड़ घाटी में व्यापारियों ने 1300 रुपये पेटी के हिसाब से बगीचों की बोली लगाई है। यह पिछले सीजन से लगभग 20 से 25 फीसदी अधिक है। उद्यान विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. राज कुमार शर्मा ने कहा कि इस साल ओलावृष्टि व आंधी से सेब को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला में सेब की करीब 40 लाख पेटियों के उत्पादन का अनुमान है।
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जिला में होता है एक करोड़ पेटियों का उत्पादन
कुल्लू जिला में 26 हजार हेक्टेयर में सेब के बगीचे लगाए गए हैं। बागवानी से कुल्लू के करीब 90 फीसदी परिवार जुड़े हैं। घाटी में 70 हजार से अधिक बागवानों की आर्थिकी बागवानी है। जिला में लगभग एक करोड़ सेब पेटियों का उत्पादन होता है। लेकिन इस वर्ष उत्पादन बहुत कम है।
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