{"_id":"5adcbb5f4f1c1b46098b5f74","slug":"191524415327-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम ने सेब फसल को दिया झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम ने सेब फसल को दिया झटका
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तापमान में गिरावट से
सेब की फसल पर असर
दो दिनों के भीतर 20 फीसदी फसल हुई तबाह
कड़ाके की ठंड पड़ने से पेड़ से झड़ गए फूल
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पहाड़ों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हुई बारिश सेब की फसल पर भारी पड़ गई है। 19 और 20 अप्रैल को मौसम खराब रहने ने तापमान में आई भारी गिरावट से सेब की करीब 20 फीसदी फसल तबाह हो गई है। फ्लावरिंग के दौरान कड़ाके की ठंड पड़ने से फूलों के झड़ने से बागवान बैकफुट पर आ गए हैं।
घाटी के करीब 70 हजार बागवानों की बंपर फसल की उम्मीद पर मौसम ने पानी फेर दिया है। जिला कल्लू में निरमंड से लेकर ऊझी घाटी के सेब की फ्लावरिंग पर भारी असर पड़ा है। घाटी में इन दिनों सेब के बगीचों में बंपर फ्लावरिंग हुई थी लेकिन ठंड के चलते फूल पेड़ों पर टिक नहीं पाए। कई जगहों पर यह नुकसान 50 फीसदी तक बताया जा रहा है।
इस संबंध में घाटी के बागवान गोविंद सिंह, रंजीत राठौर, उगम राम, भीम सिंह, रमेश ठाकुर, ध्यान सिंह, बालकृष्ण, लीला प्रसाद, जय चंद, बेली राम, हंस राज, बालक राम और किशोरी लाल ने कहा कि मौसम ने बागवानों की बंपर फसल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मौसम में आए बदलाव से सेब की फ्लावरिंग के साथ कई इलाकों में सेटिंग भी प्रभावित हो गई। हालांकि जिला में सेब की बंपर फसल की उम्मीद थी और बागवानी विभाग के विशेषज्ञ भी इसको लेकर आश्वस्त थे। बागवानी विभाग कुल्लू के विशेषज्ञ डॉ उत्तम पराशर ने कहा कि मौसम में आए बदलाव से सेब की फसल को नुकसान होने की आशंका है। विभाग ने सभी खंड अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट मांगी है। उधर, उद्यान विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ राजकुमार शर्मा ने कहा कि ठंड के चलते फ्लावरिंग पर असर पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेब की फसल पर असर
दो दिनों के भीतर 20 फीसदी फसल हुई तबाह
कड़ाके की ठंड पड़ने से पेड़ से झड़ गए फूल
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पहाड़ों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हुई बारिश सेब की फसल पर भारी पड़ गई है। 19 और 20 अप्रैल को मौसम खराब रहने ने तापमान में आई भारी गिरावट से सेब की करीब 20 फीसदी फसल तबाह हो गई है। फ्लावरिंग के दौरान कड़ाके की ठंड पड़ने से फूलों के झड़ने से बागवान बैकफुट पर आ गए हैं।
घाटी के करीब 70 हजार बागवानों की बंपर फसल की उम्मीद पर मौसम ने पानी फेर दिया है। जिला कल्लू में निरमंड से लेकर ऊझी घाटी के सेब की फ्लावरिंग पर भारी असर पड़ा है। घाटी में इन दिनों सेब के बगीचों में बंपर फ्लावरिंग हुई थी लेकिन ठंड के चलते फूल पेड़ों पर टिक नहीं पाए। कई जगहों पर यह नुकसान 50 फीसदी तक बताया जा रहा है।
विज्ञापन
इस संबंध में घाटी के बागवान गोविंद सिंह, रंजीत राठौर, उगम राम, भीम सिंह, रमेश ठाकुर, ध्यान सिंह, बालकृष्ण, लीला प्रसाद, जय चंद, बेली राम, हंस राज, बालक राम और किशोरी लाल ने कहा कि मौसम ने बागवानों की बंपर फसल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मौसम में आए बदलाव से सेब की फ्लावरिंग के साथ कई इलाकों में सेटिंग भी प्रभावित हो गई। हालांकि जिला में सेब की बंपर फसल की उम्मीद थी और बागवानी विभाग के विशेषज्ञ भी इसको लेकर आश्वस्त थे। बागवानी विभाग कुल्लू के विशेषज्ञ डॉ उत्तम पराशर ने कहा कि मौसम में आए बदलाव से सेब की फसल को नुकसान होने की आशंका है। विभाग ने सभी खंड अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट मांगी है। उधर, उद्यान विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ राजकुमार शर्मा ने कहा कि ठंड के चलते फ्लावरिंग पर असर पड़ा है।
विज्ञापन