{"_id":"5a772cba4f1c1ba0268b8470","slug":"191517759674-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के सौ रेहड़ी-फड़ी वालों को हटने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के सौ रेहड़ी-फड़ी वालों को हटने के निर्देश
Updated Sun, 04 Feb 2018 09:48 PM IST
विज्ञापन
ढालपुर में लगाई गईं रेहड़ियां।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू। नगर परिषद कुल्लू ने शहर के करीब सौ से अधिक रेहड़ी-फड़ी वालों को अपनी रेहड़ियां हटाने के निर्देश दिए हैं। जिला मुख्यालय में जगह-जगह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे इन रेहड़ी-फड़ी वालों को वेंडर पॉलिसी का हवाला देते हुए दो दिन में जगह खाली करने को कहा गया है अन्यथा नगर परिषद के कर्मचारी सामान को जब्त कर लेंगे। नप के अल्टीमेटम से रेहड़ी-फड़ी वालों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद के कर्मचारी दो दिनों से शहर के कॉलेज गेट, क्षेत्रीय अस्पताल के बाहर, भुट्टी चौक, सरवरी, ब्यासा मोड़, अखाड़ा बाजार और रामशिला में रेहड़ी-फड़ी चलाने वालों को यह अल्टीमेटम दिया है। इससे अब इन गरीब लोगों को अपने परिवार के पालन पोषण का डर सताने लगा है। रेहड़ी संचालक रामेश्वर सिंह, मुरारी लाल, मदन लाल, जगदीश तथा सोहन लाल का कहना है कि उन्हें दो दिनों से नगर परिषद ने अपना कारोबार बंद करने को कहा है। मुरारी लाल और रामेश्वर ने कहा कि वह 15 सालों से ढालपुर में रेहड़ी लगाकर फल बेच रहे हैं, जिससे उनके परिवार को पालन पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई होती है। उन्होंने कहा कि यहां से उठकर वे कहां जाएंगे। उधर, नगर परिषद कुल्लू के कार्यकारी अधिकारी तेजा सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्हें उपायुक्त कुल्लू से यह आदेश मिले हैं, जिसका नगर परिषद पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर रेहड़ी-फड़ी वाले नहीं हटे तो नगर परिषद सख्त कार्रवाई कर सामान को जब्त कर लेगी।
नगर परिषद कुल्लू ने वेंडर पॉलिसी के तहत जिला मुख्यालय में ढालपुर के फूड कोर्ट, अस्पताल के बाहर, सरवरी आदि जगहों पर रेहड़ी-फड़ी वालों को जगह दी गई है, जहां सैकड़ों लोग अपना विभिन्न तरह का कारोबार को चला रहे हैं। लेकिन अब रोजगार पर संकट के बादल छा गए हैं।
विज्ञापन
नगर परिषद कुल्लू ने वेंडर पॉलिसी के तहत जिला मुख्यालय में ढालपुर के फूड कोर्ट, अस्पताल के बाहर, सरवरी आदि जगहों पर रेहड़ी-फड़ी वालों को जगह दी गई है, जहां सैकड़ों लोग अपना विभिन्न तरह का कारोबार को चला रहे हैं। लेकिन अब रोजगार पर संकट के बादल छा गए हैं।
विज्ञापन