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लाहौल-जम्मू मार्ग चार दिन बाद बहाल
Updated Sun, 04 Feb 2018 09:42 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल स्पीति)। तांदी-संसारीनाला-जम्मू सड़क एक बार फिर यातायात के लिए बहाल हो गई है। शनिवार देर शाम को 94 आरसीसी के जवानों ने मशीनों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को बहाल कर दिया। चार दिन पहले तांदी संसारीनाला सड़क पर रोहली से करीब एक किलोमीटर दूर सड़क पर भारी चट्टानें गिर जाने से लाहौल-जम्मू मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया था। अब इस मार्ग पर एक बार फिर वाहन दौड़ना शुरू हो गए हैं।
मार्ग बहाल होते ही लाहौल और पांगी घाटी के लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, जम्मू से किलाड़ होते हुए सब्जियों से लदे वाहन भी लाहौल की ओर निकल आए हैं। रोहतांग दर्रा के बंद हो जाने के बाद लाहौल और पांगी घाटी के लोग जरूरत के समय इसी मार्ग से जम्मू होते हुए अपने गंतव्य की ओर आवाजाही करते हैं। प्रसिद्ध इतिहासकार छेरिंग दोरजे कहते हैं कि सरकार की नजरें इस मार्ग पर पड़ें तो मार्ग का कायाकल्प होगा। वहीं, घाटी के लोग सर्दियों में आवाजाही कर सकेंगे। पांगी घाटी के टैक्सी चालक राजकुमार और राकेश ने कहा कि चार दिन पहले रोहली के समीप मार्ग पर चट्टानें गिर जाने से लाहौल-जम्मूू सड़क यातायात के लिए बाधित हो गई थी। हालांकि, अभी भी चट्टानों का गिरना जारी है। जिप लाहौल-स्पीति अध्यक्ष रमेश कुमार, केलांग वार्ड जिप सदस्य तंजिन कारपा सहित जनप्रतिनिधियों ने बीआरओ के कार्य की प्रशंसा की है। उदयपुर में तैनात 94 आरसीसी मेजर देशपांडे ने कहा कि शनिवार शाम को लाहौल जम्मू मार्ग यातायात के लिए बहाल हो गया है।
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उदयपुर (लाहौल स्पीति)। तांदी-संसारीनाला-जम्मू सड़क एक बार फिर यातायात के लिए बहाल हो गई है। शनिवार देर शाम को 94 आरसीसी के जवानों ने मशीनों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को बहाल कर दिया। चार दिन पहले तांदी संसारीनाला सड़क पर रोहली से करीब एक किलोमीटर दूर सड़क पर भारी चट्टानें गिर जाने से लाहौल-जम्मू मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया था। अब इस मार्ग पर एक बार फिर वाहन दौड़ना शुरू हो गए हैं।
मार्ग बहाल होते ही लाहौल और पांगी घाटी के लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, जम्मू से किलाड़ होते हुए सब्जियों से लदे वाहन भी लाहौल की ओर निकल आए हैं। रोहतांग दर्रा के बंद हो जाने के बाद लाहौल और पांगी घाटी के लोग जरूरत के समय इसी मार्ग से जम्मू होते हुए अपने गंतव्य की ओर आवाजाही करते हैं। प्रसिद्ध इतिहासकार छेरिंग दोरजे कहते हैं कि सरकार की नजरें इस मार्ग पर पड़ें तो मार्ग का कायाकल्प होगा। वहीं, घाटी के लोग सर्दियों में आवाजाही कर सकेंगे। पांगी घाटी के टैक्सी चालक राजकुमार और राकेश ने कहा कि चार दिन पहले रोहली के समीप मार्ग पर चट्टानें गिर जाने से लाहौल-जम्मूू सड़क यातायात के लिए बाधित हो गई थी। हालांकि, अभी भी चट्टानों का गिरना जारी है। जिप लाहौल-स्पीति अध्यक्ष रमेश कुमार, केलांग वार्ड जिप सदस्य तंजिन कारपा सहित जनप्रतिनिधियों ने बीआरओ के कार्य की प्रशंसा की है। उदयपुर में तैनात 94 आरसीसी मेजर देशपांडे ने कहा कि शनिवार शाम को लाहौल जम्मू मार्ग यातायात के लिए बहाल हो गया है।
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