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अपनी जिम्मेवारियों को बखूबी समझे अध्यापक
Updated Mon, 25 Dec 2017 09:55 PM IST
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Teacher
- फोटो : amarujala
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ का तीन दिवसीय प्रांत कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग भुंतर में हुआ। जिसमें प्रदेश भर के आठ जिलों के 77 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। अभ्यास वर्ग में कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता एवं संगठन कार्य को लेकर विभिन्न विषयों पर 10 सत्र आयोजित किए गए।
समापन सत्र में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष रजनीश चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होता है। शिक्षकों को समर्पण भाव के साथ नि:स्वार्थ होकर राष्ट्रहित, शिक्षा हित, समाज हित में कार्य करना चाहिए। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महेंद्र कपूर ने कहा कि आज पूरे विश्व में भारत की नई पहचान बननी शुरू हुई है। भारत प्राचीन समय में विश्व गुरू था। कार्यकर्ताओं को देश का खोया हुआ गौरव हासिल करने के लिए प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वालों के समक्ष अनेक चुनौतियां है। अत: शिक्षक वर्ग को प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए तैयार रहना पड़ेगा। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों की आवश्यकता पर भी बल दिया। शिक्षक केवल अपने वेतन भत्तों में वृद्धि करने से पहले अपनी जिम्मेवारी को भी समझे। इस दौरान हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के उतर क्षेत्र प्रमुख जगदीश कौशिक, संयुक्त सचिव पवन मिश्रा, पालक अधिकारी सुरेश कपिल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा, प्रांत महामंत्री जगवीर चंदेल, अतिरिक्त महामंत्री विनोद सूद, प्रांत कोषाध्यक्ष तीर्थानंद, डॉ संजीव शर्मा, डॉ ब्रह्मानंद, डॉ जोगिंद्र, डॉ जेसी नेगी, भगत चंदेल, यशवंत, पुरेंद्र, नरेश शर्मा, राजेश शर्मा, जयशंकर, लक्ष्मण नेगी, पवन, हेमराज, अशोक और रविदत्त आदि मौजूद रहे।
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समापन सत्र में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष रजनीश चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होता है। शिक्षकों को समर्पण भाव के साथ नि:स्वार्थ होकर राष्ट्रहित, शिक्षा हित, समाज हित में कार्य करना चाहिए। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महेंद्र कपूर ने कहा कि आज पूरे विश्व में भारत की नई पहचान बननी शुरू हुई है। भारत प्राचीन समय में विश्व गुरू था। कार्यकर्ताओं को देश का खोया हुआ गौरव हासिल करने के लिए प्रयास करना होगा।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वालों के समक्ष अनेक चुनौतियां है। अत: शिक्षक वर्ग को प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए तैयार रहना पड़ेगा। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों की आवश्यकता पर भी बल दिया। शिक्षक केवल अपने वेतन भत्तों में वृद्धि करने से पहले अपनी जिम्मेवारी को भी समझे। इस दौरान हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के उतर क्षेत्र प्रमुख जगदीश कौशिक, संयुक्त सचिव पवन मिश्रा, पालक अधिकारी सुरेश कपिल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा, प्रांत महामंत्री जगवीर चंदेल, अतिरिक्त महामंत्री विनोद सूद, प्रांत कोषाध्यक्ष तीर्थानंद, डॉ संजीव शर्मा, डॉ ब्रह्मानंद, डॉ जोगिंद्र, डॉ जेसी नेगी, भगत चंदेल, यशवंत, पुरेंद्र, नरेश शर्मा, राजेश शर्मा, जयशंकर, लक्ष्मण नेगी, पवन, हेमराज, अशोक और रविदत्त आदि मौजूद रहे।
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