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बर्फ में फंसे लोगों को बचाने संकरी घाटियों में उतरे एयरफोर्स के जवान
Updated Thu, 27 Sep 2018 09:36 PM IST
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बर्फ में फंसे लोगों को बचाने संकरी
घाटियों में उतरे एयरफोर्स के जवान
बर्फ से ढकी गगनचुंबी चोटियों के बीच वायुसेना के जांबाजों ने भरी उड़ान
छोटा दड़ा में 6 दिन से फंसी 10 महिलाओं और 3 बच्चों को सुरक्षित निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बर्फ से ढकी गगनचुंबी चोटियों से घिरी लाहौल-स्पीति जिले की संकरी घाटियों में लगभग छह दिन से फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एयरफोर्स के अधिकारियों और जवानों ने वीरवार को भी एक के बाद एक कई उड़ानें भरीं। स्क्वाड्रन लीडर विपुल गोयल के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना के एमआई-17 वी 5 हेलीकाप्टर ने खाद्य सामग्री के साथ सुबह करीब नौ बजे भुंतर हवाई अड्डे से कुंजम दर्रे के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र की ओर उड़ान भरी।
शीशे की तरह आंखों को चुंधिया देने वाली सफेद गगनचुंबी पहाड़ियों के बीच से हेलीकाप्टर ले जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देना आसान नहीं दिख रहा था, लेकिन वायुसेना के जांबाजों के लिए तो मानो यह बाएं हाथ का खेल हो। खतरों से खेलना तो शायद उनकी जिंदगी है। छतड़ू में फंसे लोगों को खाने के पैकेट गिराने के बाद हेलीकाप्टर जैसे ही छोटा दड़ा की ओर बढ़ा तो वहां लगभग छह दिन से फंसे लोगों की मानो जान में जान आ गई हो। उनके लिए वायुसेना के अधिकारी और जवान किन्हीं फरिश्तों से कम नहीं थे। चारों ओर बर्फ से ढकी छोटा दड़ा की बहुत ही संकरी घाटी में हेलीकाप्टर को हवा में रोक कर वायु सेना के जांबाजों ने दस महिलाओं और तीन छोटे-छोटे बच्चों को लिफ्ट किया तो मानों उम्मीद खो चुके इन लाचार लोगों को नई जिंदगी मिल गई हो। छोटा दड़ा में फंसे दर्जनों लोगों में से पहले इन महिलाओं और बच्चों को निकाला गया। हेलीकाप्टर में दाखिल होते ही जहां वे अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहे थे। वहीं, कुछ क्षण पहले तक अपने आपको लाचार महसूस कर रही इन महिलाओं और बच्चों को अब वायु सेना के जांबाजों से नया जोश और हौसला मिल चुका था। छोटा दड़ा से 10 महिलाओं और 3 बच्चों को निकालने के बाद इसी उड़ान से कुंजम दर्रा के नजदीक फंसे लोगों के लिए खाद्य सामग्री फेंकी गई। इसके पश्चात एमआई-17 वी 5 ने लाहौल घाटी के संतीगरी हेलीपैड से भी आठ अन्य लोगों को साथ लेकर कुल 21 लोगों को कुल्लू पहुंचाया। एमआई-17 वी 5 हेलीकाप्टर की इस महत्वपूर्ण उड़ान में स्क्वाड्रन लीडर विपुल गोयल की टीम में को-पायलट के रूप में मनोनीत धीमान, फ्लाइंग ऑफिसर अरुणव सिंह, सार्जेंट संतोष और सार्जेंट वीपी पांडे ने एक बार फिर भारतीय वायु सेना की उच्च परंपराओं के अनुसार अदम्य साहस और सर्वोच्च सेवाभाव का परिचय दिया।
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घाटियों में उतरे एयरफोर्स के जवान
बर्फ से ढकी गगनचुंबी चोटियों के बीच वायुसेना के जांबाजों ने भरी उड़ान
छोटा दड़ा में 6 दिन से फंसी 10 महिलाओं और 3 बच्चों को सुरक्षित निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बर्फ से ढकी गगनचुंबी चोटियों से घिरी लाहौल-स्पीति जिले की संकरी घाटियों में लगभग छह दिन से फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एयरफोर्स के अधिकारियों और जवानों ने वीरवार को भी एक के बाद एक कई उड़ानें भरीं। स्क्वाड्रन लीडर विपुल गोयल के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना के एमआई-17 वी 5 हेलीकाप्टर ने खाद्य सामग्री के साथ सुबह करीब नौ बजे भुंतर हवाई अड्डे से कुंजम दर्रे के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र की ओर उड़ान भरी।
शीशे की तरह आंखों को चुंधिया देने वाली सफेद गगनचुंबी पहाड़ियों के बीच से हेलीकाप्टर ले जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देना आसान नहीं दिख रहा था, लेकिन वायुसेना के जांबाजों के लिए तो मानो यह बाएं हाथ का खेल हो। खतरों से खेलना तो शायद उनकी जिंदगी है। छतड़ू में फंसे लोगों को खाने के पैकेट गिराने के बाद हेलीकाप्टर जैसे ही छोटा दड़ा की ओर बढ़ा तो वहां लगभग छह दिन से फंसे लोगों की मानो जान में जान आ गई हो। उनके लिए वायुसेना के अधिकारी और जवान किन्हीं फरिश्तों से कम नहीं थे। चारों ओर बर्फ से ढकी छोटा दड़ा की बहुत ही संकरी घाटी में हेलीकाप्टर को हवा में रोक कर वायु सेना के जांबाजों ने दस महिलाओं और तीन छोटे-छोटे बच्चों को लिफ्ट किया तो मानों उम्मीद खो चुके इन लाचार लोगों को नई जिंदगी मिल गई हो। छोटा दड़ा में फंसे दर्जनों लोगों में से पहले इन महिलाओं और बच्चों को निकाला गया। हेलीकाप्टर में दाखिल होते ही जहां वे अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहे थे। वहीं, कुछ क्षण पहले तक अपने आपको लाचार महसूस कर रही इन महिलाओं और बच्चों को अब वायु सेना के जांबाजों से नया जोश और हौसला मिल चुका था। छोटा दड़ा से 10 महिलाओं और 3 बच्चों को निकालने के बाद इसी उड़ान से कुंजम दर्रा के नजदीक फंसे लोगों के लिए खाद्य सामग्री फेंकी गई। इसके पश्चात एमआई-17 वी 5 ने लाहौल घाटी के संतीगरी हेलीपैड से भी आठ अन्य लोगों को साथ लेकर कुल 21 लोगों को कुल्लू पहुंचाया। एमआई-17 वी 5 हेलीकाप्टर की इस महत्वपूर्ण उड़ान में स्क्वाड्रन लीडर विपुल गोयल की टीम में को-पायलट के रूप में मनोनीत धीमान, फ्लाइंग ऑफिसर अरुणव सिंह, सार्जेंट संतोष और सार्जेंट वीपी पांडे ने एक बार फिर भारतीय वायु सेना की उच्च परंपराओं के अनुसार अदम्य साहस और सर्वोच्च सेवाभाव का परिचय दिया।
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