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दो दिनों में बहाल हो जाएगा रोहतांग दर्रा
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:18 PM IST
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rohtang
- फोटो : amarujala
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मनाली (कुल्लू)। करीब 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा को बहाल करने में बीआरओ एक बार फिर से पूरे जोश के साथ जुटा है। दावा किया जा रहा है कि अगर मौसम साफ रहता है तो आगामी दो दिनों के अंदर रोहतांग को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। पूर्व में गत 12 मार्च को मनाली-लेह मार्ग स्थित रोहतांग पर बर्फ हटाने करने का कार्य शुरू किया गया।
बीआरओ ने माइनस तापमान में प्रतिदिन 12 घंटे बर्फ हटाने का कार्य करके रिकॉर्ड समय में 5 अप्रैल को इसे यातायात के लिए खोल दिया था लेकिन मौसम की खराबी के चलते रोहतांग हिमपात से चार बार बंद हो चुका है। हालांकि शुक्रवार को हुए हिमपात के बाद इसे पांचवीं बार खोलने की कोशिशें जारी हैं।
बताया जा रहा है कि मौसम ठीक रहता है तो मनाली-लेह राजमार्ग को भी 8 मई तक खोल दिया जाएगा। बारालाचा पास की तरफ बीआरओ की मशीनें तेजी से बर्फ हटा रही हैं। इस संबंध में बीआरओ के 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल एके अवस्थी के अनुसार बारालाचा पास में बर्फ हटाने का कार्य जारी है। जनजातीय क्षेत्र लाहौल की ओर से स्थानीय प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सहमति से आने वाले इमरजेंसी मरीजों को रोहतांग टनल मार्ग के उपयोग की अनुमति दी जा रही है। मौसम ठीक रहने की सूरत में दो दिनों में रोहतांग को बहाल कर दिया जाएगा। छह दिनों से रोहतांग दर्रा बंद के चलते मनाली और लाहौल में फंसे यात्रियों को मजबूरन दर्रा पैदल लांघना पड़ रहा है। चिलथांग निवासी संजीव के अनुसार रोहतांग से दो मोड़ नीचे तक लाहौल की ओर से केवल एक जेसीबी के जरिए बर्फ हटाई जा रही है। इस संबंध में बचाव चौकी मढ़ी के प्रभारी मोहन लाल के कहा कि मौसम के अनुकूल रहने पर मनाली की ओर से नौ वाहनों में 70 लोगों ने राहनी नाला से पैदल रोहतांग पार किया। लाहौल में फंसे 104 लोग भी कोकसर से 17 किलोमीटर आगे रोहतांग की तरफ वाहन में गए और उसके बाद कुछ दूरी पैदल तय कर मनाली रवाना हुए।
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बीआरओ ने माइनस तापमान में प्रतिदिन 12 घंटे बर्फ हटाने का कार्य करके रिकॉर्ड समय में 5 अप्रैल को इसे यातायात के लिए खोल दिया था लेकिन मौसम की खराबी के चलते रोहतांग हिमपात से चार बार बंद हो चुका है। हालांकि शुक्रवार को हुए हिमपात के बाद इसे पांचवीं बार खोलने की कोशिशें जारी हैं।
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बताया जा रहा है कि मौसम ठीक रहता है तो मनाली-लेह राजमार्ग को भी 8 मई तक खोल दिया जाएगा। बारालाचा पास की तरफ बीआरओ की मशीनें तेजी से बर्फ हटा रही हैं। इस संबंध में बीआरओ के 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल एके अवस्थी के अनुसार बारालाचा पास में बर्फ हटाने का कार्य जारी है। जनजातीय क्षेत्र लाहौल की ओर से स्थानीय प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सहमति से आने वाले इमरजेंसी मरीजों को रोहतांग टनल मार्ग के उपयोग की अनुमति दी जा रही है। मौसम ठीक रहने की सूरत में दो दिनों में रोहतांग को बहाल कर दिया जाएगा। छह दिनों से रोहतांग दर्रा बंद के चलते मनाली और लाहौल में फंसे यात्रियों को मजबूरन दर्रा पैदल लांघना पड़ रहा है। चिलथांग निवासी संजीव के अनुसार रोहतांग से दो मोड़ नीचे तक लाहौल की ओर से केवल एक जेसीबी के जरिए बर्फ हटाई जा रही है। इस संबंध में बचाव चौकी मढ़ी के प्रभारी मोहन लाल के कहा कि मौसम के अनुकूल रहने पर मनाली की ओर से नौ वाहनों में 70 लोगों ने राहनी नाला से पैदल रोहतांग पार किया। लाहौल में फंसे 104 लोग भी कोकसर से 17 किलोमीटर आगे रोहतांग की तरफ वाहन में गए और उसके बाद कुछ दूरी पैदल तय कर मनाली रवाना हुए।
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