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दवाइयों का रिकॉर्ड सही तरीके से न रखने पर जारी होंगे नोटिस
Updated Tue, 03 Jul 2018 09:48 PM IST
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दवाइयों का सही रिकॉर्ड न रखने पर जारी होंगे नोटिस
डीसी यूनुस ने किया दवाइयों की दुकानों का निरीक्षण, मिली खामियां
भुंतर और आसपास के इलाकों में किया औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मेडिकल स्टोर में दवाइयों के दुरुपयोग को रोकने समेत अन्य आवश्यक दस्तावेजों की चेकिंग के लिए मंगलवार को डीसी यूनुस ने दवाइयों की दुकानों का निरीक्षण किया। भुंतर और आसपास के इलाकों में निरीक्षण के दौरान कुछ मेडिकल स्टोर में दवाइयों के रिकॉर्ड संबंधी खामियां पाई गईं। इस पर डीसी यूनुस ने कड़ा संज्ञान लिया है। ऐसे लापरवाह मेडिकल स्टोर संचालकों को अब नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।
डीसी यूनुस, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र शर्मा और ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश गौत्तम की दबिश से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है। डीसी ने दवाइयों के दुरुपयोग, दवाइयों संबंधी लाइसेंस, प्रतिबंधित दवाइयों का रिकॉर्ड खंगाला। डीसी ने शेड्यूल एच वन की दवाइयां बिना किसी डॉक्टर की सलाह या बिना पर्ची के ही लेने को लेकर भी जांच की। कुछ मेडिकल स्टोर में दवाइयों के रिकॉर्ड सही नहीं पाया गया। शेड्यूल एच वन प्रतिबंधित दवाइयों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। जबकि शेड्यूल एच वाली दवाइयों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य नहीं है। डीसी ने जिला के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेताया है कि नियमों के तहत काम करें। नियमों की अनदेखी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। कोताही पर ड्रग कॉस्टमेटिक एक्ट के तहत मेडिकल स्टोर को बंद तक करवाया जा सकता है। इस संबंध में डीसी यूनुस ने कहा कि भुंतर और आसपास के इलाकों में मेडिकल स्टोर में जांच की गई है। कुछ मेडिकल स्टोर में रिकॉर्ड संबंधी खामियां मिली है। जिस पर उन्हें नोटिस भेज जवाब तलब किया जाएगा।
बाक्स
नशे के लिए युवा करते हैं दवाओं का इस्तेमाल
हिमाचल में इन दिनों नशे के लिए युवा दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए यह सख्ती की गई है। बिना डॉक्टरी सलाह के प्रतिबंधित दवाइयां देने पर मनाही है, लेकिन कुछ लोग चंद पैसों की खातिर युवाओं को नशे के लिए दवाइयां मुहैया करवा रहे हैं। ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन सतर्क है।
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डीसी यूनुस ने किया दवाइयों की दुकानों का निरीक्षण, मिली खामियां
भुंतर और आसपास के इलाकों में किया औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मेडिकल स्टोर में दवाइयों के दुरुपयोग को रोकने समेत अन्य आवश्यक दस्तावेजों की चेकिंग के लिए मंगलवार को डीसी यूनुस ने दवाइयों की दुकानों का निरीक्षण किया। भुंतर और आसपास के इलाकों में निरीक्षण के दौरान कुछ मेडिकल स्टोर में दवाइयों के रिकॉर्ड संबंधी खामियां पाई गईं। इस पर डीसी यूनुस ने कड़ा संज्ञान लिया है। ऐसे लापरवाह मेडिकल स्टोर संचालकों को अब नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।
डीसी यूनुस, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र शर्मा और ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश गौत्तम की दबिश से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है। डीसी ने दवाइयों के दुरुपयोग, दवाइयों संबंधी लाइसेंस, प्रतिबंधित दवाइयों का रिकॉर्ड खंगाला। डीसी ने शेड्यूल एच वन की दवाइयां बिना किसी डॉक्टर की सलाह या बिना पर्ची के ही लेने को लेकर भी जांच की। कुछ मेडिकल स्टोर में दवाइयों के रिकॉर्ड सही नहीं पाया गया। शेड्यूल एच वन प्रतिबंधित दवाइयों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। जबकि शेड्यूल एच वाली दवाइयों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य नहीं है। डीसी ने जिला के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेताया है कि नियमों के तहत काम करें। नियमों की अनदेखी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। कोताही पर ड्रग कॉस्टमेटिक एक्ट के तहत मेडिकल स्टोर को बंद तक करवाया जा सकता है। इस संबंध में डीसी यूनुस ने कहा कि भुंतर और आसपास के इलाकों में मेडिकल स्टोर में जांच की गई है। कुछ मेडिकल स्टोर में रिकॉर्ड संबंधी खामियां मिली है। जिस पर उन्हें नोटिस भेज जवाब तलब किया जाएगा।
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नशे के लिए युवा करते हैं दवाओं का इस्तेमाल
हिमाचल में इन दिनों नशे के लिए युवा दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए यह सख्ती की गई है। बिना डॉक्टरी सलाह के प्रतिबंधित दवाइयां देने पर मनाही है, लेकिन कुछ लोग चंद पैसों की खातिर युवाओं को नशे के लिए दवाइयां मुहैया करवा रहे हैं। ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन सतर्क है।
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