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फोरलेन कटिंग से दो मकानों में आईं दरारें
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मकान पर खतरा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। एनएचएआई के ठेकेदारों की ओर से बेतरतीब ढंग से सड़क कटिंग की जा रही, जो लोगों पर भारी पड़ रही है। भारी बरसात के कारण जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी के देवधार में दो मकानों में दरारें आ गई हैं। ऐसे में लोगों में दहशत है।
फोरलेन के लिए हुई पहाड़ी की कटिंग से जगह-जगह जमीन और फलदार पौधे ढह कर सड़क पर आ रहे हैं। इसके अलावा कई मकान भी धराशाई होने की कगार पर हैं। सरकार और प्रशासन ने लोगों की मदद करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। एनएचएआई भी लोगों को मुआवजा देने में आनाकानी कर रहा है। मजबूरी में लोगों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। देवधार में पिछले साल भी तीन मकान फोरलेन कटिंग के कारण दरारें आने से क्षतिग्रस्त हो गए थे। पांच परिवारों को यहां से उजड़ना पड़ा था। अब दरारें आने का सिलसिला इस क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। फोरलेन से करीब 200 मीटर दूरी पर दो मकानों में दरारें आने से लोग मुश्किल में हैं। प्रभावित कमलेश शर्मा, विक्रम शर्मा और सूची शर्मा ने कहा कि फोरलेन कटिंग से पिछले साल उनके साथ लगते मकानों को नुकसान हुआ था। लेकिन बड़ी दरारें उनके घरों तक पहुंच गई है। इससे उनके घरों को नुकसान हो सकता है। भूस्खलन से उनके घरों में दरारें आई हैं। लगातार हो रही बारिश से मकानों में दरारें बढ़ने का खतरा है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इस मामले में उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए। एनएचएआई को नुकसान की भरपाई करने के निर्देश दिए जाएं।
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मनाली (कुल्लू)। एनएचएआई के ठेकेदारों की ओर से बेतरतीब ढंग से सड़क कटिंग की जा रही, जो लोगों पर भारी पड़ रही है। भारी बरसात के कारण जिला मुख्यालय के साथ लगती खराहल घाटी के देवधार में दो मकानों में दरारें आ गई हैं। ऐसे में लोगों में दहशत है।
फोरलेन के लिए हुई पहाड़ी की कटिंग से जगह-जगह जमीन और फलदार पौधे ढह कर सड़क पर आ रहे हैं। इसके अलावा कई मकान भी धराशाई होने की कगार पर हैं। सरकार और प्रशासन ने लोगों की मदद करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। एनएचएआई भी लोगों को मुआवजा देने में आनाकानी कर रहा है। मजबूरी में लोगों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। देवधार में पिछले साल भी तीन मकान फोरलेन कटिंग के कारण दरारें आने से क्षतिग्रस्त हो गए थे। पांच परिवारों को यहां से उजड़ना पड़ा था। अब दरारें आने का सिलसिला इस क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। फोरलेन से करीब 200 मीटर दूरी पर दो मकानों में दरारें आने से लोग मुश्किल में हैं। प्रभावित कमलेश शर्मा, विक्रम शर्मा और सूची शर्मा ने कहा कि फोरलेन कटिंग से पिछले साल उनके साथ लगते मकानों को नुकसान हुआ था। लेकिन बड़ी दरारें उनके घरों तक पहुंच गई है। इससे उनके घरों को नुकसान हो सकता है। भूस्खलन से उनके घरों में दरारें आई हैं। लगातार हो रही बारिश से मकानों में दरारें बढ़ने का खतरा है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इस मामले में उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए। एनएचएआई को नुकसान की भरपाई करने के निर्देश दिए जाएं।
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