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बुजुर्गों को जूब देकर लिया आशीर्वाद
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मकर संक्राति
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। लोहड़ी के एक दिन बाद मनाए जाने वाला मकर संक्रांति का पर्व जिला कुल्लू में सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। मकर संक्रांति के अवसर पर घर के बड़े बुजुर्गों को जूब देकर आशीर्वाद लिया गया। मेहमानों को पारंपरिक पकवान, खिचड़ी, भल्ले, देसी घी आदि परोसे गए। पकवानों की खुशबू से समूची घाटी महक उठी। मकर संक्रांति आरंभ होते ही पौष का काला महीना भी समाप्त हो गया है। इसके बाद अब देवी-देवताओं की पूजा अर्चना नियमित रूप से आरंभ हो जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में देर शाम तक जूब बांटने का सिलसिला चलता रहा। मकर संक्रांति को स्थानीय भाषा में माघ रा साजा भी कहा जाता है। सात दिनों तक लोग अपने घरों में खुशियां मनाते हैं। कई जगहों पर देवी, देवताओं के स्थानीय उत्सव दियाली और सदियाला भी मकर संक्रांति पर शुरू हो गए हैं। लोगों में मकर संक्रांति को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। घाटीवासी पप्पू, चेत राम ठाकुर, रेशम ठाकुर, अशोक शर्मा, मोहन लाल और डूर सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति का त्यौहार जिला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह देवताओं की पूजा अर्चना की गई। देवी-देवताओं को विशेष रूप से तैयार किए गए पकवानों को भी चढ़ाया गया। इसके बाद जूब बांटने का सिलसिला आरंभ हुआ। जिला के मणिकर्ण घाटी, बंजार, सैंज, आनी, मनाली, लगवैली और गड़सा आदि क्षेत्रों में कई जगह पर मकर संक्रांति की धूम रही। कहा कि मकर संक्रांति के लिए लोगों ने कई दिन पूर्व ही तैयारियां कर रखी थी।
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कुल्लू। लोहड़ी के एक दिन बाद मनाए जाने वाला मकर संक्रांति का पर्व जिला कुल्लू में सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। मकर संक्रांति के अवसर पर घर के बड़े बुजुर्गों को जूब देकर आशीर्वाद लिया गया। मेहमानों को पारंपरिक पकवान, खिचड़ी, भल्ले, देसी घी आदि परोसे गए। पकवानों की खुशबू से समूची घाटी महक उठी। मकर संक्रांति आरंभ होते ही पौष का काला महीना भी समाप्त हो गया है। इसके बाद अब देवी-देवताओं की पूजा अर्चना नियमित रूप से आरंभ हो जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में देर शाम तक जूब बांटने का सिलसिला चलता रहा। मकर संक्रांति को स्थानीय भाषा में माघ रा साजा भी कहा जाता है। सात दिनों तक लोग अपने घरों में खुशियां मनाते हैं। कई जगहों पर देवी, देवताओं के स्थानीय उत्सव दियाली और सदियाला भी मकर संक्रांति पर शुरू हो गए हैं। लोगों में मकर संक्रांति को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। घाटीवासी पप्पू, चेत राम ठाकुर, रेशम ठाकुर, अशोक शर्मा, मोहन लाल और डूर सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति का त्यौहार जिला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह देवताओं की पूजा अर्चना की गई। देवी-देवताओं को विशेष रूप से तैयार किए गए पकवानों को भी चढ़ाया गया। इसके बाद जूब बांटने का सिलसिला आरंभ हुआ। जिला के मणिकर्ण घाटी, बंजार, सैंज, आनी, मनाली, लगवैली और गड़सा आदि क्षेत्रों में कई जगह पर मकर संक्रांति की धूम रही। कहा कि मकर संक्रांति के लिए लोगों ने कई दिन पूर्व ही तैयारियां कर रखी थी।
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