फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   एक झटके में बुझ गए चार पंचायतों के कई चिराग

एक झटके में बुझ गए चार पंचायतों के कई चिराग

Sat, 22 Jun 2019 10:33 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2019 10:33 PM IST
विज्ञापन
एक झटके में बुझ गए चार पंचायतों के कई चिराग
बंजार बस हादसे में झकझोर कर रख दी पूरी घाटी
विज्ञापन

एक झटके में बुझ गए चार पंचायतों के कई चिराग
नन्हें बच्चों की मौत के बाद वीरान हो गई माता-पिता की जिंदगी
हादसे के तीसरे दिन भी नहीं थमे आंसू, बच्चे मां-बाप तो बड़े नहीं सह पा रहे अपने लाडलों का बिछोड़ा
हरि रामचंद्र चौधरी
सैंज (कुल्लू)। .....आंसू..... आंसू और आंसू। बंजार बस हादसे ने पूरी घाटी को झकझोर कर रख दिया है। न किसी को खाने की सुध है और न सोने की। हर तरफ आंसुओं का सैलाब उमड़ रहा है। एक झटके में ही क्षेत्र की चार पंचायतों के दर्जनों चिराग बुझ गए। हादसे से संभलने को शायद ताउम्र लग जाए। किसी की मां रो रही है तो किसी के पिता। कोई बहन का बिछोड़ा सह नहीं पा रहा है तो कोई भाई का। नन्हें बच्चों के बिना तो कइयों की जिंदगी ही वीरान हो गई है।

कोई देवताओं को कोस रहा है तो कोई व्यवस्था को। घरों में रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। जख्म इतने गहरे हैं कि आसानी से आंसू रुक नहीं रहे हैं। छात्र इंगित नेगी की माता किरन अभी भी कह रही हैं कि बेटा स्कूल से आने वाला है। जवान बेटे की अर्थी देखने के बाद वह होश खो चुकी है। पिता राम लाल की तो जैसे पूरी दुनिया ही उजड़ गई है। घर में बेटे के सामान को देखकर आंसुओं की धाराएं बह रही हैं। उधर, सुमा गांव में पत्रकार मोहन लाल की पत्नी गीता देवी पर दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा है। पति और एक बेटी हमेशा के लिए छोड़ कर जा चुके हैं। एक बेटी कुल्लू अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रही है। मोहन लाल के भाई वीर सिंह खुद सदमे में होते हुए भी ढंाढस बंधा रहा है। छुनार गांव में पति विष्णु की मौत से पत्नी विद्या देवी सुध-बुध खो चुकी है। झमाच गांव में पत्नी दुर्गा देवी की याद में करतार सिंह की आंखें पथरा गई हैं। टील गांव की दो बेटियां कॉलेज गई , लेकिन लौटकर नहीं आई। कुसम लता के पिता गुरदयाल और धनेश्वरी के पिता खेम देव को अपनी लाड़ली बेटियों ने अंदर से तोड़ कर रख दिया है। पूरे गांव में अभी भी मातम सा माहौल है। पूरी बंजार घाटी के कई गांव में एक सा माहौल है। लोग समझ नहीं पा रहे है कि अपनों के बिछड़ने का गम कैसे भुलाया जाए। हालांकि घरों में दूर-दूर से रिश्तेदारों के साथ गांव के लोग सांत्वना देने के लिए पहुंचे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed