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चुनाव प्रचार में सीएम ने झोंकी ताकत
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पतलीकूहल (कुल्लू)। मंडी लोकसभा सीट इस बार राजनीतिक दृष्टि से हॉट सीट बन गई है। मंडी जिला से ताल्लुक रखने वाले कर्म सिंह से लेकर सुखराम तक कई दिग्गजों ने मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने का प्रयास किया। लेकिन यह सौभाग्य आजादी के सात दशकों बाद मंडी जिला की सराज सीट से जीतने वाले जयराम ठाकुर को प्राप्त हुआ। भले ही प्रत्याशी अभी तय न हो। लेकिन मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
अब लोकसभा चुनाव में मंडी सीट यहां से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी से ज्यादा मुख्यमंत्री की नाक का सवाल बन गई है। विधानसभा चुनाव के दौरान मंडी की दस सीटों पर भाजपा ने परचम लहराया था। मंडी को मुख्यमंत्री पद देने में दस सीटें जीतने के रिकॉर्ड ने भी अहम भूमिका निभाई। अब इस रिकॉर्ड को बनाए रखने का दारोमदार भी मुख्यमंत्री पर आ गया है। यह किसी चुनौती से कम भी नहीं है। पतलीकूहल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इशारों ही इशारों में इसका जिक्र भी किया। कहा कि मंडी में बेशक एक बड़ा मौका दिया गया है। लेकिन अब उन्हें अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सीएम कम से कम चुनाव प्रचार के मामले में कांग्रेस से बढ़त बनाए हुए दिख रहे हैं। कांग्रेस की तरह ही भाजपा में भी अभी तक प्रत्याशियों का चयन नहीं हुआ है। लेकिन इसके बाद भी सीएम लोकसभा प्रचार में डट गए हैं। कांग्रेस में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की स्थिति अभी तय नहीं है। चुनाव का परिणाम बेशक जनता तय करेगी। लेकिन मुख्यमंत्री अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
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अब लोकसभा चुनाव में मंडी सीट यहां से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी से ज्यादा मुख्यमंत्री की नाक का सवाल बन गई है। विधानसभा चुनाव के दौरान मंडी की दस सीटों पर भाजपा ने परचम लहराया था। मंडी को मुख्यमंत्री पद देने में दस सीटें जीतने के रिकॉर्ड ने भी अहम भूमिका निभाई। अब इस रिकॉर्ड को बनाए रखने का दारोमदार भी मुख्यमंत्री पर आ गया है। यह किसी चुनौती से कम भी नहीं है। पतलीकूहल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इशारों ही इशारों में इसका जिक्र भी किया। कहा कि मंडी में बेशक एक बड़ा मौका दिया गया है। लेकिन अब उन्हें अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सीएम कम से कम चुनाव प्रचार के मामले में कांग्रेस से बढ़त बनाए हुए दिख रहे हैं। कांग्रेस की तरह ही भाजपा में भी अभी तक प्रत्याशियों का चयन नहीं हुआ है। लेकिन इसके बाद भी सीएम लोकसभा प्रचार में डट गए हैं। कांग्रेस में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की स्थिति अभी तय नहीं है। चुनाव का परिणाम बेशक जनता तय करेगी। लेकिन मुख्यमंत्री अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
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