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भारी सखे की चपेट में स्पीति के किसान
Updated Wed, 18 Apr 2018 06:08 PM IST
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खेतों में नमी नहीं, अटकी मटर की बिजाई
सर्दियों में पर्याप्त बर्फबारी नहीं होने से आई परेशानी
सिंचाई पर ही निर्भर है स्पीति घाटी में खेती
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग/काजा (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र स्पीति घाटी में सूखे के हालात पैदा हो गए है। सर्दियों में पर्याप्त बर्फबारी नहीं होने के कारण किसान परेशान हैं। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण किसान समय पर अपने खेतों की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। पूरी स्पीति घाटी की खेती सिंचाई पर निर्भर है।
घाटी में सबसे अधिक सूखे की मार किब्बर, चिचम, खुरिक, सुमलिंग, पंगमो, लंगचाए, यिकिम और कौमिक आदि गांवों में पड़ने की संभावना है। स्पीति घाटी में साल में एक बार मटर की खेती होती है लेकिन सूखे से घाटी में किसान मटर की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं और किसान चिंतित है। इस संबंध में किसान दोरजे छेरिंग, दोरजे नमज्ञल, लारा छेरिंग, टशी रिगजिन, जंगछुक सोनम तथा कलजंग अंगचुक ने बताया कि इस वर्ष सर्दियों में बर्फ नहीं पड़ने से घाटी सूखे की चपेट में है और वे समय पर खेतों में बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
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सर्दियों में पर्याप्त बर्फबारी नहीं होने से आई परेशानी
सिंचाई पर ही निर्भर है स्पीति घाटी में खेती
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग/काजा (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र स्पीति घाटी में सूखे के हालात पैदा हो गए है। सर्दियों में पर्याप्त बर्फबारी नहीं होने के कारण किसान परेशान हैं। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण किसान समय पर अपने खेतों की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। पूरी स्पीति घाटी की खेती सिंचाई पर निर्भर है।
घाटी में सबसे अधिक सूखे की मार किब्बर, चिचम, खुरिक, सुमलिंग, पंगमो, लंगचाए, यिकिम और कौमिक आदि गांवों में पड़ने की संभावना है। स्पीति घाटी में साल में एक बार मटर की खेती होती है लेकिन सूखे से घाटी में किसान मटर की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं और किसान चिंतित है। इस संबंध में किसान दोरजे छेरिंग, दोरजे नमज्ञल, लारा छेरिंग, टशी रिगजिन, जंगछुक सोनम तथा कलजंग अंगचुक ने बताया कि इस वर्ष सर्दियों में बर्फ नहीं पड़ने से घाटी सूखे की चपेट में है और वे समय पर खेतों में बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
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