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पांच घंटे माईनस डिग्री तापमान में फंसे रहे पर्यटक
Updated Wed, 20 Dec 2017 09:41 PM IST
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पांच घंटे माइनस डिग्री तापमान में फंसे रहे पर्यटक
इमरजेंसी 1077 पर संपर्क होने पर ली राहत की सांस
हरिकृष्ण कौल
बंजार (कुल्लू)। 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा में बर्फ के बीच राजस्थान के पांच पर्यटक रात को करीब पांच घंटे तक बर्फ में माइनस डिग्री तापमान में फंसे रहे। वाहनों की आवाजाही के लिए बंद जलोड़ी दर्रा में किसी तरह की आवाजाही न होने से पर्यटकों का जीवन संकट में पड़ गया। बर्फ के बीच वाहन के फंसने से पर्यटकों ने गाड़ी को निकालने का कई बार प्रयास किया लेकिन असफल रहे। रात को घने जंगल के बीच अंधेरे में पर्यटक समझ नहीं पा रहे थे कि किसे मदद मांगी जाए। राजस्थान के बीकानेर से संबंध रखने वाले राहुल मलिक ने कहा कि पांच घंटों के बाद जब इमरजेंसी 1077 पर फोन पर घटना की जानकारी दी तो उनकी जान में जान आई। उन्होंने रेस्क्यू करने के उपायुक्त कुल्लू, एसडीएम बंजार, आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम, बंजार पुलिस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें वक्त पर मदद न मिलती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। बुधवार को सभी पर्यटकों ने बंजार की वादियों को निहारते हुए मनाली का रूख किया।
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इमरजेंसी 1077 पर संपर्क होने पर ली राहत की सांस
हरिकृष्ण कौल
बंजार (कुल्लू)। 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा में बर्फ के बीच राजस्थान के पांच पर्यटक रात को करीब पांच घंटे तक बर्फ में माइनस डिग्री तापमान में फंसे रहे। वाहनों की आवाजाही के लिए बंद जलोड़ी दर्रा में किसी तरह की आवाजाही न होने से पर्यटकों का जीवन संकट में पड़ गया। बर्फ के बीच वाहन के फंसने से पर्यटकों ने गाड़ी को निकालने का कई बार प्रयास किया लेकिन असफल रहे। रात को घने जंगल के बीच अंधेरे में पर्यटक समझ नहीं पा रहे थे कि किसे मदद मांगी जाए। राजस्थान के बीकानेर से संबंध रखने वाले राहुल मलिक ने कहा कि पांच घंटों के बाद जब इमरजेंसी 1077 पर फोन पर घटना की जानकारी दी तो उनकी जान में जान आई। उन्होंने रेस्क्यू करने के उपायुक्त कुल्लू, एसडीएम बंजार, आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम, बंजार पुलिस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें वक्त पर मदद न मिलती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। बुधवार को सभी पर्यटकों ने बंजार की वादियों को निहारते हुए मनाली का रूख किया।