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एडवांस वेतन रोक के विरोध में उतरा पीटीएफ
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:03 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल स्पीति)।
एडवांस वेतन पर रोक के विरोध में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पीटीएफ) भी उतर गया है। संघ ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है। शुक्रवार को संघ अध्यक्ष राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की। इसमें निर्णय लिया कि एडवांस वेतन पर रोक का जोरदार विरोध किया जाएगा।
संघ ने कहा कि सरकार का यह फैसला तर्कसंगत नहीं है। सरकार इस फैसले को वापस लेे। अगर सरकार कर्मचारी हितैषी है तो सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि एडवांस वेतन पर रोक के फैसले से जनजातीय क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों से लेकर उनके परिजन भी नाराज हैं।
फैसले के विरोध में लाहौल स्पीति के जनप्रतिनिधि भी आ गए हैं। लाहौल स्पीति जिला परिषद के चेयरमैन रमेश रूवल्वा ने कहा कि लाहौल स्पीति के कर्मचारियों को एडवांस वेतन यहां के हालातों को देखकर दिया जाता है। इसे बंद करना सही नहीं है।
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जनजातीय क्षेत्रों में कर्मचारियों की एडवांस सैलरी बंद करने से कौन कर्मचारी लाहौल-स्पीति, पांगी, भरमौर में ड्यूटी देना चाहेगा। तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, सिस्सू के पूर्व प्रधान जगदीश कटोच, नालड़ा पंचायत के प्रधान सरोज ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सरकार से इस फैसलेे को वापस लेने की मांग की है। जनप्रतिनिधियों ने चेताया है कि अगर फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान महासचिव दिनेश, कोषाध्यक्ष गोपाल, सलाहकार निर्मल चंद आदि मौजूद रहे।
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उदयपुर (लाहौल स्पीति)।
एडवांस वेतन पर रोक के विरोध में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पीटीएफ) भी उतर गया है। संघ ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है। शुक्रवार को संघ अध्यक्ष राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की। इसमें निर्णय लिया कि एडवांस वेतन पर रोक का जोरदार विरोध किया जाएगा।
संघ ने कहा कि सरकार का यह फैसला तर्कसंगत नहीं है। सरकार इस फैसले को वापस लेे। अगर सरकार कर्मचारी हितैषी है तो सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि एडवांस वेतन पर रोक के फैसले से जनजातीय क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों से लेकर उनके परिजन भी नाराज हैं।
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फैसले के विरोध में लाहौल स्पीति के जनप्रतिनिधि भी आ गए हैं। लाहौल स्पीति जिला परिषद के चेयरमैन रमेश रूवल्वा ने कहा कि लाहौल स्पीति के कर्मचारियों को एडवांस वेतन यहां के हालातों को देखकर दिया जाता है। इसे बंद करना सही नहीं है।
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जनजातीय क्षेत्रों में कर्मचारियों की एडवांस सैलरी बंद करने से कौन कर्मचारी लाहौल-स्पीति, पांगी, भरमौर में ड्यूटी देना चाहेगा। तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, सिस्सू के पूर्व प्रधान जगदीश कटोच, नालड़ा पंचायत के प्रधान सरोज ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सरकार से इस फैसलेे को वापस लेने की मांग की है। जनप्रतिनिधियों ने चेताया है कि अगर फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान महासचिव दिनेश, कोषाध्यक्ष गोपाल, सलाहकार निर्मल चंद आदि मौजूद रहे।
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