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सब्जियों के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी, बजट बिगड़ा
Updated Thu, 16 Nov 2017 07:50 PM IST
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मटर
- फोटो : getty images
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खराहल (कुल्लू)। सब्जियों के दामों में एकाएक वृद्धि से रसोई का जायका फीका हो गया है। कोई भी सब्जी 50 रुपये प्रति किलो से नीचे नहीं मिल रही है। ऐसे में सभी घरों का बजट बिगड़ गया है। जिला में इस समय लोकल सब्जी का उत्पादन बहुत ही कम मात्रा में हो रहा हैं। तमाम सब्जियां बाहरी राज्यों से मंगवाई जा रही हैं। जिसके चलते तमाम सब्जियां के दामों में भारी उछाल आ गया है। ऐसे में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सबसे अधिक दाम हरा मटर के बाजार में है। हरा मटर 80 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से मार्केट में बिक रहा है। टमाटर के दाम भी 50 रुपये प्रतिकिलो से नीचे नही उतर रहे है। प्याज का मूल्य 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। महज आलू 20 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। बताया जा रहा है कि इस बार प्याज की फसल बहुत बढ़िया हुई है, लेकिन इसके बावजूद कीमत पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। घाटी की गृहणियों में आशा ठाकुर, गीता, बीना भंडारी, निर्मला देवी, कुर्मलता, वंदना, दंयति ठाकुर, शारदा ठाकुर, रीता ठाकुर, गायत्री देवी और कमला देवी आदि का कहना है कि सब्जियों के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि के कारण घर का बजट ही बिगड़ गया है। प्याज मंहगा होने के कारण आम लोगों की थाली से सलाद तौर पर गायब हो गया है। बताया जा रहा है कि सब्जी के दाम अभी दो सप्ताह तक कम नहीं हो सकते हैं। एपीएमसी के सचिव राघव सूद ने बताया कि इस समय लोकल सब्जी का उत्पादन बहुत कम हो जाता हैै। लिहाजा कुल्लू के लिए बाहरी राज्यों से सब्जियां आ रही हैं। पहले ही बाहरी राज्यों में सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में सब्जी मंहगी दर पर मार्केट मेें पहुंच रही है।
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सबसे अधिक दाम हरा मटर के बाजार में है। हरा मटर 80 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से मार्केट में बिक रहा है। टमाटर के दाम भी 50 रुपये प्रतिकिलो से नीचे नही उतर रहे है। प्याज का मूल्य 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। महज आलू 20 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। बताया जा रहा है कि इस बार प्याज की फसल बहुत बढ़िया हुई है, लेकिन इसके बावजूद कीमत पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। घाटी की गृहणियों में आशा ठाकुर, गीता, बीना भंडारी, निर्मला देवी, कुर्मलता, वंदना, दंयति ठाकुर, शारदा ठाकुर, रीता ठाकुर, गायत्री देवी और कमला देवी आदि का कहना है कि सब्जियों के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि के कारण घर का बजट ही बिगड़ गया है। प्याज मंहगा होने के कारण आम लोगों की थाली से सलाद तौर पर गायब हो गया है। बताया जा रहा है कि सब्जी के दाम अभी दो सप्ताह तक कम नहीं हो सकते हैं। एपीएमसी के सचिव राघव सूद ने बताया कि इस समय लोकल सब्जी का उत्पादन बहुत कम हो जाता हैै। लिहाजा कुल्लू के लिए बाहरी राज्यों से सब्जियां आ रही हैं। पहले ही बाहरी राज्यों में सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में सब्जी मंहगी दर पर मार्केट मेें पहुंच रही है।
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