रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। पट्टनघाटी के कई गांव में दूरसंचार व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। चौखंग और और नैनगार गांव में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। नेटवर्क के बिना मोबाइल शोपीस बने हुए हैं। इसके चलते गांवों के बच्चों को 15 किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ी पर जाकर ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है।
कोकसर में स्थापित एक निजी कंपनी का टावर शिफ्ट किए जाने से क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या उत्पन्न हुई है। दूसरी निजी कंपनी का झोलिंग में टावर का कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन इस टावर से अभी नेटवर्क शुरू नहीं किया है। मूरिंग पंचायत के प्रधान गणेश, उपप्रधान देवी सिंह, समिति सदस्य सुमन, पवन, रोशन लाल, अमर सिंह ने कहा कि डिजिटल युग होते हुए भी घाटी के अनेक गांव में नेटवर्क न होने का स्कूली बच्चों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने झोलिंग में स्थापित निजी टावर को जल्द शुरू करने की तकनीकी शिक्षा मंत्री से मांग की है। कोकसर स्थित अन्य निजी कंपनी का टावर शिफ्ट होने से ग्रामीणों में रोष है। समिति सदस्य सुनील, अनिल और राजेंद्र ने कहा कि पिछले दिसंबर से क्षेत्र में दूरसंचार सेवा ठप है। समस्या को हल करने के लिए मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा से मिलकर इस टावर को पुन स्थापित करने और बीएसएनएल दूरसंचार सेवा शुरू करने की भी मांग की है। उधर, पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में नेटवर्क ठीक नहीं होने से स्कूली बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। मंत्री के गृह क्षेत्र में ही इसकी अधिक समस्या है, जिसे वे सुलझा नहीं पा रहे हैं।