{"_id":"5c7e7b6dbdec2214743f2c9a","slug":"121551793005-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 55 सड़कें अवरुद्ध, मौसम बढ़ा रहा दुश्वारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 55 सड़कें अवरुद्ध, मौसम बढ़ा रहा दुश्वारियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मौसम आम लोगों के साथ लोक निर्माण विभाग के लिए भी परेशानी बन गया है। बारिश से हो रहे भूस्खलन से बहाल हुई सड़कें फिर से बंद होने लगी हैं। जिला में कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे-21, कुल्लू-मनाली वामतट, भुंतर-मणिकर्ण, औट-बंजार, लारजी-सैंज तथा कुल्लू-लगघाटी मार्गों पर वाहन चलाना खतरनाक हो गया है। ऐसे में एनएच समेत संपर्क मार्गों पर चलना मुश्किल हो रहा है।
जिले में 55 से ज्यादा सड़कें अवरुद्ध चल रही हैं। कुल्लू-मनाली एनएच-21 के बीच हो रहे भूस्खलन के खतरे के चलते दिल्ली और चंडीगढ़ से आने वाली वोल्वो मनाली से 17 किलोमीटर पीछे पतलीकूहल में ही खड़ी हो रही है। सोमवार रात को कुल्लू में भारी बारिश हुई और कई सड़कों पर भूस्खलन के साथ तलबा और चट्टानें खिसकने की सूचना है। सड़कों के बंद होने से पर्यटकों के साथ घाटीवासी, स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। कई जगहों पर मौसम के रुख और सवारियों की सुरक्षा को देखते हुए एचआरटीसी की बसें भी गंतव्य तक नहीं जा रही है। उधर ,बाह्य सराज को जोड़ने वाले एनएच-305 को बंद हुए दो माह हो गए हैं। जलोड़ी हाईवे में करीब दस फीट के दायरे में तीन से लेकर सात फीट तक बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है। ऐसे में लोग जोखिम उठाकर दर्रा को आरपार कर रहे है। बीते दिनों भी शिवरात्रि के मौके पर सैकड़ों लोगों ने दर्रा पर पैदल आवाजाही की है। उधर, लोनिवि कुल्लू के अधीक्षण अभियंता अनिल संगराई ने कहा कि कुल्लू और बंजार में भूस्खलन और बर्फबारी से 43 सड़कें बंद चल रही हैं। सोमवार को हुई ताजा बर्फबारी के बाद रोहतांग में 20, सोलंगनाला और जलोड़ी दर्रा में आठ सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है। उधर, उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि सड़कों को बहाल करने में मौसम साथ नहीं दे रहा है। लगातार बारिश से भूस्खलन हो रहा है।
विज्ञापन
कुल्लू। मौसम आम लोगों के साथ लोक निर्माण विभाग के लिए भी परेशानी बन गया है। बारिश से हो रहे भूस्खलन से बहाल हुई सड़कें फिर से बंद होने लगी हैं। जिला में कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे-21, कुल्लू-मनाली वामतट, भुंतर-मणिकर्ण, औट-बंजार, लारजी-सैंज तथा कुल्लू-लगघाटी मार्गों पर वाहन चलाना खतरनाक हो गया है। ऐसे में एनएच समेत संपर्क मार्गों पर चलना मुश्किल हो रहा है।
जिले में 55 से ज्यादा सड़कें अवरुद्ध चल रही हैं। कुल्लू-मनाली एनएच-21 के बीच हो रहे भूस्खलन के खतरे के चलते दिल्ली और चंडीगढ़ से आने वाली वोल्वो मनाली से 17 किलोमीटर पीछे पतलीकूहल में ही खड़ी हो रही है। सोमवार रात को कुल्लू में भारी बारिश हुई और कई सड़कों पर भूस्खलन के साथ तलबा और चट्टानें खिसकने की सूचना है। सड़कों के बंद होने से पर्यटकों के साथ घाटीवासी, स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। कई जगहों पर मौसम के रुख और सवारियों की सुरक्षा को देखते हुए एचआरटीसी की बसें भी गंतव्य तक नहीं जा रही है। उधर ,बाह्य सराज को जोड़ने वाले एनएच-305 को बंद हुए दो माह हो गए हैं। जलोड़ी हाईवे में करीब दस फीट के दायरे में तीन से लेकर सात फीट तक बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है। ऐसे में लोग जोखिम उठाकर दर्रा को आरपार कर रहे है। बीते दिनों भी शिवरात्रि के मौके पर सैकड़ों लोगों ने दर्रा पर पैदल आवाजाही की है। उधर, लोनिवि कुल्लू के अधीक्षण अभियंता अनिल संगराई ने कहा कि कुल्लू और बंजार में भूस्खलन और बर्फबारी से 43 सड़कें बंद चल रही हैं। सोमवार को हुई ताजा बर्फबारी के बाद रोहतांग में 20, सोलंगनाला और जलोड़ी दर्रा में आठ सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है। उधर, उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि सड़कों को बहाल करने में मौसम साथ नहीं दे रहा है। लगातार बारिश से भूस्खलन हो रहा है।
विज्ञापन