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13050 फुट ऊंचे रोहतांग पर दीवाली मनाएगा बीआरओ
Updated Sun, 04 Nov 2018 09:53 PM IST
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रोहतांग दर्रे पर दिवाली मनाएगा बीआरओ
तीन दिन में रोहतांग को बहाल करने का रखा लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल स्पीति)। दीपों के पर्व दीपावली को बीआरओ ने कुछ अलग तरीके से मनाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रहित में इस बार बीआरओ दीवाली का पर्व 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा पर मनाएगा। शून्य तापमान के बीच बीआरओ के जवान दीपावली का पर्व मनाकर देशवासियों को भाईचारे और एकता का संदेश देंगे। सीमा सड़क संगठन के 38 कृतिक बल के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने कहा कि रोहतांग दर्रे को खोलने का काम शुरू कर दिया है। चार अटैक प्वाइंट में से उदयपुर से कोकसर, कोकसर से रोहतांग और मनाली की तरफ से भी रोहतांग तथा स्टींगरी दारचा को भी खोलने के लिए मशीनें लगा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि रोहतांग में पांच फुट और कोकसर से टॉप और गुलाबा की तरफ से रोहतांग की तरफ दो से तीन फीट ताजा हिमपात हुआ है। तीन दिन में रोहतांग को खोल दिया जाएगा। उनके मुताबिक इस वर्ष की दीपावली रोहतांग के 13050 फुट की ही ऊंचाई पर मनाई जाएगी। कमांडर ने अपने अधिकारियों और जवानों को इस लक्ष्य को भी हासिल करने का जोश भरा है। 22 से 24 सितंबर के बीच भी भयंकर हिमपात से भी निपटने के लिए 70 आरसीसी और 94 आरसीसी ने कोई कसर नही छोड़ी थी।
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तीन दिन में रोहतांग को बहाल करने का रखा लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल स्पीति)। दीपों के पर्व दीपावली को बीआरओ ने कुछ अलग तरीके से मनाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रहित में इस बार बीआरओ दीवाली का पर्व 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा पर मनाएगा। शून्य तापमान के बीच बीआरओ के जवान दीपावली का पर्व मनाकर देशवासियों को भाईचारे और एकता का संदेश देंगे। सीमा सड़क संगठन के 38 कृतिक बल के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने कहा कि रोहतांग दर्रे को खोलने का काम शुरू कर दिया है। चार अटैक प्वाइंट में से उदयपुर से कोकसर, कोकसर से रोहतांग और मनाली की तरफ से भी रोहतांग तथा स्टींगरी दारचा को भी खोलने के लिए मशीनें लगा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि रोहतांग में पांच फुट और कोकसर से टॉप और गुलाबा की तरफ से रोहतांग की तरफ दो से तीन फीट ताजा हिमपात हुआ है। तीन दिन में रोहतांग को खोल दिया जाएगा। उनके मुताबिक इस वर्ष की दीपावली रोहतांग के 13050 फुट की ही ऊंचाई पर मनाई जाएगी। कमांडर ने अपने अधिकारियों और जवानों को इस लक्ष्य को भी हासिल करने का जोश भरा है। 22 से 24 सितंबर के बीच भी भयंकर हिमपात से भी निपटने के लिए 70 आरसीसी और 94 आरसीसी ने कोई कसर नही छोड़ी थी।