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तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:52 AM IST
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स्वार। सीनियर बार वेलफेयर एसोसिएशन ने तहसील प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर शासन की नीतियों के अनुरूप कार्य नहीं कर मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा।
गुरुवार को सीनियर बार वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता बार अध्यक्ष गुरनाम सिंह संधू के नेतृत्व में एकत्र हुए। इस दौरान तहसील प्रशासन द्वारा की जा रही मनमानी को लेकर विचार विमर्श किया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम, तहसीलदार कार्यालय सहित पूरे तहसील परिसर में घूमकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि तहसील प्रशासन शासन की नीतियों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहा है। जिससे आम जनता में शासन की छवि धूमिल हो रही है। अधिकारी अवैध कब्जे करने माफियाओं का साथ दे रहे हैं। चकरोडों पर कब्जे करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मृतक खातेदारों की मृत्यु के कई साल बाद तक विरासत दर्ज नहीं हो पा रही है। आरोप लगाया है कि तहसीलदार का व्यवहार जनता और अधिवक्ताओं से संतोषजनक नहीं है। जिससे अधिवक्ताओं और जनता का कार्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से शासन की नीतियों के खिलाफ कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर सुंदर लाल, महबूब अली, हर स्वरूप मौर्य, ब्रज किशोर दिवाकर, कमल सिंह, नदीम अहमद, अथर फईम, मोहम्मद अय्यूब, संदीप सिंह, विक्रम सिंह, रफीक अहमद, महेंद्र गोस्वामी, वैभव सक्सेना, केवल सिंह, मुमताज मियां, गजेंद्र सिंह, राजू पाल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर तहसीलदार संजय सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत और बेबुनियाद हैं।
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गुरुवार को सीनियर बार वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता बार अध्यक्ष गुरनाम सिंह संधू के नेतृत्व में एकत्र हुए। इस दौरान तहसील प्रशासन द्वारा की जा रही मनमानी को लेकर विचार विमर्श किया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम, तहसीलदार कार्यालय सहित पूरे तहसील परिसर में घूमकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि तहसील प्रशासन शासन की नीतियों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहा है। जिससे आम जनता में शासन की छवि धूमिल हो रही है। अधिकारी अवैध कब्जे करने माफियाओं का साथ दे रहे हैं। चकरोडों पर कब्जे करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मृतक खातेदारों की मृत्यु के कई साल बाद तक विरासत दर्ज नहीं हो पा रही है। आरोप लगाया है कि तहसीलदार का व्यवहार जनता और अधिवक्ताओं से संतोषजनक नहीं है। जिससे अधिवक्ताओं और जनता का कार्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से शासन की नीतियों के खिलाफ कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर सुंदर लाल, महबूब अली, हर स्वरूप मौर्य, ब्रज किशोर दिवाकर, कमल सिंह, नदीम अहमद, अथर फईम, मोहम्मद अय्यूब, संदीप सिंह, विक्रम सिंह, रफीक अहमद, महेंद्र गोस्वामी, वैभव सक्सेना, केवल सिंह, मुमताज मियां, गजेंद्र सिंह, राजू पाल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर तहसीलदार संजय सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत और बेबुनियाद हैं।
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