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रोहतांग बंद, जलोड़ी होकर स्पीति का रूख कर रहे हैं सैलानी
Updated Fri, 11 May 2018 06:36 PM IST
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रोहतांग बंद होने से जलोेड़ी होकर
स्पीति का रुख कर रहे हैं सैलानी
एडवांस बुकिंग रद्द होने से पर्यटन कारोबारियों को भारी नुकसान
250 की बजाए एक हजार किमी सफर करने को मजबूर पर्यटक
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग दर्रा में एनजीटी की पाबंदी के चलते अब सैलानी शिमला और जलोड़ी दर्रा होकर स्पीति घाटी का रुख कर रहे हैं। इस रूट पर पर्यटकों को स्पीति पहुंचने के लिए अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ रहा है। इसके बावजूद घाटी के मनमोहक नजारों को देखकर सैलानी जोखिम और थकान भरे सफर को नजरअंदाज कर रहे हैं।
बर्फ पिघलने के करीब चार महीने के बाद सैलानियों की चहलकदमी से स्पीति घाटी गुलजार होने लगी है। हालांकि मनाली से रोहतांग दर्रा होकर स्पीति घाटी का रूट बंद होने से कई पर्यटकों ने होटलों की एडवांस बुकिंग रद्द कर दी है। जिससे होटल कारोबारियों के साथ ही ट्रेवल एजेंसियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। रोहतांग होकर घाटी आने की अनुमति नहीं मिलने से चंद्रताल झील देखने की हसरत लिए मनाली पहुंचे कई सैलानियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है। मनाली से रोहतांग होकर स्पीति घाटी की दूरी करीब 230 किलोमीटर है। जबकि मनाली से जलोड़ी दर्रा होकर काजा की दूरी लगभग एक हजार किलोमीटर है। ऐसे में रोहतांग से पर्यटक वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी होने से स्पीति के पर्यटन कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ा है।
होटल कारोबारी जिग्मे, अनिल कुमार, रमेश, दोरजे, रिगजिन और राजेंद्र ने बताया कि अगर रोहतांग होकर सैलानियों को घाटी आने की अनुमति मिल जाए तो इससे पर्यटन कारोबार में इजाफा होगा। ट्रेवल एजेंसी के मालिक अमर, काकू, राजेश और सुरेश ने बताया कि कई पर्यटकों ने सीबी रेंज के ट्रैकिंग रूटों पर कदमताल करने के लिए एडवांस बुकिंग की हुई है लेेकिन कुल्लू प्रशासन की ओर से सैलानियों को रोहतांग दर्रा पार कर घाटी आने की अनुमति नहीं मिल रही है। जिससे ट्रेवल एजेंसियों का काम चौपट हो गया है। जलोड़ी से किन्नौर होकर स्पीति का रूट बेहद लंबा और जोखिम भरा है। लिहाजा अधिक संख्या में सैलानी स्पीति घाटी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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इधर, एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने बताया कि बीआरओ से फीड बैक मिलने के बाद सैलानियों को रोहतांग पार करने की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल दर्रे में सड़क के दोनों किनारे बर्फ की दीवार खड़ी होने से वाहनों की पासिंग में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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स्पीति का रुख कर रहे हैं सैलानी
एडवांस बुकिंग रद्द होने से पर्यटन कारोबारियों को भारी नुकसान
250 की बजाए एक हजार किमी सफर करने को मजबूर पर्यटक
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग दर्रा में एनजीटी की पाबंदी के चलते अब सैलानी शिमला और जलोड़ी दर्रा होकर स्पीति घाटी का रुख कर रहे हैं। इस रूट पर पर्यटकों को स्पीति पहुंचने के लिए अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ रहा है। इसके बावजूद घाटी के मनमोहक नजारों को देखकर सैलानी जोखिम और थकान भरे सफर को नजरअंदाज कर रहे हैं।
बर्फ पिघलने के करीब चार महीने के बाद सैलानियों की चहलकदमी से स्पीति घाटी गुलजार होने लगी है। हालांकि मनाली से रोहतांग दर्रा होकर स्पीति घाटी का रूट बंद होने से कई पर्यटकों ने होटलों की एडवांस बुकिंग रद्द कर दी है। जिससे होटल कारोबारियों के साथ ही ट्रेवल एजेंसियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। रोहतांग होकर घाटी आने की अनुमति नहीं मिलने से चंद्रताल झील देखने की हसरत लिए मनाली पहुंचे कई सैलानियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है। मनाली से रोहतांग होकर स्पीति घाटी की दूरी करीब 230 किलोमीटर है। जबकि मनाली से जलोड़ी दर्रा होकर काजा की दूरी लगभग एक हजार किलोमीटर है। ऐसे में रोहतांग से पर्यटक वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी होने से स्पीति के पर्यटन कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ा है।
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होटल कारोबारी जिग्मे, अनिल कुमार, रमेश, दोरजे, रिगजिन और राजेंद्र ने बताया कि अगर रोहतांग होकर सैलानियों को घाटी आने की अनुमति मिल जाए तो इससे पर्यटन कारोबार में इजाफा होगा। ट्रेवल एजेंसी के मालिक अमर, काकू, राजेश और सुरेश ने बताया कि कई पर्यटकों ने सीबी रेंज के ट्रैकिंग रूटों पर कदमताल करने के लिए एडवांस बुकिंग की हुई है लेेकिन कुल्लू प्रशासन की ओर से सैलानियों को रोहतांग दर्रा पार कर घाटी आने की अनुमति नहीं मिल रही है। जिससे ट्रेवल एजेंसियों का काम चौपट हो गया है। जलोड़ी से किन्नौर होकर स्पीति का रूट बेहद लंबा और जोखिम भरा है। लिहाजा अधिक संख्या में सैलानी स्पीति घाटी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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इधर, एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने बताया कि बीआरओ से फीड बैक मिलने के बाद सैलानियों को रोहतांग पार करने की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल दर्रे में सड़क के दोनों किनारे बर्फ की दीवार खड़ी होने से वाहनों की पासिंग में दिक्कतें पेश आ रही हैं।