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बादल फटने से नालों में बाढ़; अफरातफरी मची, सुरक्षित जगह पर भागे लोग
Updated Mon, 13 Aug 2018 07:04 PM IST
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कार मलबे में फंसी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/भुंतर//न्यूली/हरिपुर। जिला कुल्लू में 18 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। रविवार देर शाम से लेकर सोमवार सुबह करीब दस बजे तक बारिश से जगह-जगह बाढ़ आ गई। घाटी का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया ओर लोग सहमे हुए हैं। पार्वती घाटी के कटागला में रविवार रात को बादल फटने के बाद सोमवार सुबह बजौरा नाले में बादल फट गया।
भुंतर, पागलनाला, छाकीनाला व दोहरानाला में बाढ़ आने से लोगों में अफरातफरी मच गई। भुंतर बाजार के बीचोंबीच बहने वाले खोखन नाले में बाढ़ से पूरा बाजार पानी से भर गया। बाढ़ का मलबा कई दुकानों व घरों में घुस गया और सड़कें भी मलबे से लबालब हो गई। कई वाहन मलबे में ही फंस गए और नुकसान हुआ। जिला मुुख्यालय के साथ लगते दोहरानाला व ऊझी घाटी के छाकीनाला में भी बाढ़ जैसे हालत बनने से लोग घरों से बाहर निकले और सुरक्षित जगहों की ओर गए। बाढ़ से फसल व सड़कों को नुकसान हुआ है। ब्यास नदी पर बने पैदल पुल पर बाढ़ का मलबा आने से इसे आवाजाही के लिए बंद करना पड़ा। बाद में लोनिवि ने कड़ी मशक्कत के बाद बहाल किया। बजौरा के पास एक नाले में आई बाढ़ की चपेट में भिंडीबाई में बनी गोशाला भी आ गई। बताया जा रहा है कि गोशाला में करीब 50 मवेशियों को रखा गया था, जिनमें से 19 मवेशियों को रेस्क्यू कर उन्हें जिला मुख्यालय स्थित लंकाबेकर गोशाला के लिए शिफ्ट किया गया। हादसे की सूचना के बाद उपायुक्त कुल्लू मौके के लिए रवाना हुए और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके लिए अग्निशमन विभाग के साथ आईटीबीपी व होमगार्ड के जवानों की मदद ली गई। पागलनाला में आई बाढ़ से लारजी-सैंज मार्ग लगभग 16 घंटे तक बंद रहा। दोपहर बाद लोनिवि ने एनएचपीसी तीन की ओा से भेजी गई मशीनरी से बाद इसे कड़ी मशक्कत बाद खोला गया। इससे पहले फल व सब्जियों से लदी गाड़ियां घंटों तक फंसी रही। निगम की बसों के साथ निजी वाहनों के फंसने से लोगों को परेशान होना पड़ा। उधर, सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने बाढ़ प्रभावित भुंतर शहार का दौरा किया।
बाढ़ ने सेब के बगीचों को किया तहस-नहस
पार्वती घाटी के कटागला में बादल फटने से आई बाढ़ का मलबा कई घरों में घुस गया और बाढ़ ने सेब के बगीचों को तहस-नहस कर दिया है। उपायुक्त कुल्लू ने कहा कि बादल फटने व भारी बारिश से जहां बाढ़ आने से नुकसान हुआ है। बजौरा में आई बाढ़ से बही गोशाला में रखे गए सभी मवेशियों को सुरक्षित बचाया गया है। राजस्व विभाग को नुकसान का आकलन करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित लोगों को मुआवजा दिया जाएगा।
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कुल्लू/भुंतर//न्यूली/हरिपुर। जिला कुल्लू में 18 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। रविवार देर शाम से लेकर सोमवार सुबह करीब दस बजे तक बारिश से जगह-जगह बाढ़ आ गई। घाटी का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया ओर लोग सहमे हुए हैं। पार्वती घाटी के कटागला में रविवार रात को बादल फटने के बाद सोमवार सुबह बजौरा नाले में बादल फट गया।
भुंतर, पागलनाला, छाकीनाला व दोहरानाला में बाढ़ आने से लोगों में अफरातफरी मच गई। भुंतर बाजार के बीचोंबीच बहने वाले खोखन नाले में बाढ़ से पूरा बाजार पानी से भर गया। बाढ़ का मलबा कई दुकानों व घरों में घुस गया और सड़कें भी मलबे से लबालब हो गई। कई वाहन मलबे में ही फंस गए और नुकसान हुआ। जिला मुुख्यालय के साथ लगते दोहरानाला व ऊझी घाटी के छाकीनाला में भी बाढ़ जैसे हालत बनने से लोग घरों से बाहर निकले और सुरक्षित जगहों की ओर गए। बाढ़ से फसल व सड़कों को नुकसान हुआ है। ब्यास नदी पर बने पैदल पुल पर बाढ़ का मलबा आने से इसे आवाजाही के लिए बंद करना पड़ा। बाद में लोनिवि ने कड़ी मशक्कत के बाद बहाल किया। बजौरा के पास एक नाले में आई बाढ़ की चपेट में भिंडीबाई में बनी गोशाला भी आ गई। बताया जा रहा है कि गोशाला में करीब 50 मवेशियों को रखा गया था, जिनमें से 19 मवेशियों को रेस्क्यू कर उन्हें जिला मुख्यालय स्थित लंकाबेकर गोशाला के लिए शिफ्ट किया गया। हादसे की सूचना के बाद उपायुक्त कुल्लू मौके के लिए रवाना हुए और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके लिए अग्निशमन विभाग के साथ आईटीबीपी व होमगार्ड के जवानों की मदद ली गई। पागलनाला में आई बाढ़ से लारजी-सैंज मार्ग लगभग 16 घंटे तक बंद रहा। दोपहर बाद लोनिवि ने एनएचपीसी तीन की ओा से भेजी गई मशीनरी से बाद इसे कड़ी मशक्कत बाद खोला गया। इससे पहले फल व सब्जियों से लदी गाड़ियां घंटों तक फंसी रही। निगम की बसों के साथ निजी वाहनों के फंसने से लोगों को परेशान होना पड़ा। उधर, सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने बाढ़ प्रभावित भुंतर शहार का दौरा किया।
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बाढ़ ने सेब के बगीचों को किया तहस-नहस
पार्वती घाटी के कटागला में बादल फटने से आई बाढ़ का मलबा कई घरों में घुस गया और बाढ़ ने सेब के बगीचों को तहस-नहस कर दिया है। उपायुक्त कुल्लू ने कहा कि बादल फटने व भारी बारिश से जहां बाढ़ आने से नुकसान हुआ है। बजौरा में आई बाढ़ से बही गोशाला में रखे गए सभी मवेशियों को सुरक्षित बचाया गया है। राजस्व विभाग को नुकसान का आकलन करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित लोगों को मुआवजा दिया जाएगा।
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