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खाद के स्टोर खाली किसान और बागवान मायूस

Sat, 16 Dec 2017 07:05 PM IST
Updated Sat, 16 Dec 2017 07:05 PM IST
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खाद के स्टोर खाली किसान और बागवान मायूस
खाद के स्टोर खाली किसान और बागवान मायूस
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बिना खाद के खेतों में बिजाई हो रही है प्रभावित
खेत खलियानों व पौधो में खाद डालने काम अटका
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। जिला कुल्लू में किसानों और बागवानों को खाद नहीं मिल रही है। ऐसे में खेतों में फसल की बिजाई भी प्रभावित हो रही है। बगीचों में खाद डालने का उपयुक्त समय चल रहा है, लेकिन सरकारी उपक्रम हिमफेड के गोदाम खाली पड़े हैं। ऐसे में बागवान भी पौधों को खाद डालने में वंचित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि हिमफेड के स्टोर में महज यूरिया खाद ही स्टॉक में उपलब्ध है। बगीचों में सबसे ज्यादा रसायनिक खाद 12:32:16 और 15:15:15 तथा फोस्फारस व पोटाश की जरूरत होती है। इनकी भारी कमी के चलते बिजाई भी प्रभावित हो रही है।
घाटी के किसान राम चंद, महेश शर्मा, अमित कुमार, चमन, राजेश कुमार, सजीव, कमल, सेस राम, ज्ञान ठाकुर, कर्म चंद तथा अनूप आदि का कहना है कि सेब बगीचों और फसल बिजाई के समय रसायनिक खाद की जरूरत रहती है, लेकिन व्यवस्था की कमी के चलते किसान और बागवानों को खाद नहीं उपलब्ध नहीं हो रही है। जिला में सेब बगीचों में बागवान अमूमन दिसंबर माह में तौलिये बनाते समय पौधों में रसायनिक खाद डालते हैं।
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सदर फल एवं सब्जी उत्पादन संघ के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर कहते हैं कि संबंधित विभाग व सरकार को समय पर खाद किसानों और बागवानों को मुहैया करवानी चाहिए। वक्त पर खाद न मिलने से बगीचों के कार्य भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में हिमफेड जिला प्रबंधक सुखचैन सिंह ठाकुर ने कहा कि इस बारे में आला अधिकारियों को अवगत करवाया है। दो-तीन दिनों में खाद की सप्लाई पहुंच जाएगी और किसानों को वितरित की जाएगी।
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