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मासिक धर्म की भ्रांतियों के खिलाफ चलेगा अभियान
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:14 PM IST
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घूंघट की ओट में महिला
- फोटो : amarujala
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कुल्लू। महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए जिला में पहली जनवरी से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसकी कार्य योजना को लेकर जिला के अधिकारियों और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ डीसी युनूस ने बैठक की।
उपायुक्त युनूस ने बताया कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक युग मेें भी महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान घर से बाहर रखा जाता है। कुल्लू जिला में प्रथम सर्वेक्षण के दौरान पाया गया है कि लगभग 82 पंचायतों में यह कुरीति अभी भी जारी है। सभ्य समाज में इस तरह की कुरीति मान्य नहीं है। इस अवधि के दौरान महिलाओं को स्वच्छ वातावरण नहीं मिलने से कई बीमारियों लगने की आशंका बढ़ जाती है। इस कुरीति को खत्म करने के लिए जिला के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि मासिक धर्म के प्रति आम जनता को जागरूक करने के लिए गांव स्तर पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायतीराज संस्थाओं के अतिरिक्त महिला मंडलों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे महिलाओं के प्रति लोगों की सोच में बदलाव किया जा सके। उपायुक्त ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में भी छात्राओं को व्यापक जानकारी दी जाएगी। गांव स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों के माध्यम से भी महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। बैठक में सहायक आयुक्त डॉ. अमित गुलेरिया, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र, उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक जगदीश, जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच, अन्य अधिकारी और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
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उपायुक्त युनूस ने बताया कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक युग मेें भी महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान घर से बाहर रखा जाता है। कुल्लू जिला में प्रथम सर्वेक्षण के दौरान पाया गया है कि लगभग 82 पंचायतों में यह कुरीति अभी भी जारी है। सभ्य समाज में इस तरह की कुरीति मान्य नहीं है। इस अवधि के दौरान महिलाओं को स्वच्छ वातावरण नहीं मिलने से कई बीमारियों लगने की आशंका बढ़ जाती है। इस कुरीति को खत्म करने के लिए जिला के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाएगा।
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उपायुक्त ने कहा कि मासिक धर्म के प्रति आम जनता को जागरूक करने के लिए गांव स्तर पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायतीराज संस्थाओं के अतिरिक्त महिला मंडलों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे महिलाओं के प्रति लोगों की सोच में बदलाव किया जा सके। उपायुक्त ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में भी छात्राओं को व्यापक जानकारी दी जाएगी। गांव स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों के माध्यम से भी महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। बैठक में सहायक आयुक्त डॉ. अमित गुलेरिया, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र, उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक जगदीश, जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच, अन्य अधिकारी और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
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