फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   प्रूनिंग और तौलिए बनाने में जुटे बागवान

प्रूनिंग और तौलिए बनाने में जुटे बागवान

Mon, 27 Nov 2017 07:34 PM IST
Updated Mon, 27 Nov 2017 07:34 PM IST
विज्ञापन
प्रूनिंग और तौलिए बनाने में जुटे बागवान
सेब। - फोटो : अमर उजाला
खराहल (कुल्लू)। मौसम के खुलते ही बागवान प्रूनिंग और पौधों के तौलिये बनाने के कार्य में व्यस्त हो गए हैं। सही तरीके से कांट-छांट करने के लिए विशेषज्ञों की सहायता भी ले रहे हैं। कई बागवानों ने प्रशिक्षित लोगों को इस कार्य में लगाया है। बागवानों का कहना है कि गलत तरीके से काटछांट करने से पौधे के आकार, वृद्धि, फलोत्पादन और बागवान की आर्थिकी को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में इस ओर बागवानों को खास ध्यान देने की आवश्यकता है। वैरायटियों के आधार पर ही पौधों की प्रूनिंग करनी लाजिमी है। गलत तरीके से प्रूनिंग कार्य होने से आगामी फसल के उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विज्ञापन

इस संबंध में घाटी के प्रगतिशील बागवान चंदे राम, चुनी लाल, लाल चंद ठाकुर, चमन, देवराज, केहर सिंह, मान चंद, महेश शर्मा, श्याम शर्मा, रेवत राम और सुनू राम आदि के अनुसार इन दिनों बगीचों में प्रूनिंग का काम चल रहा है। वहीं, तौलिए बनाने का काम बागवान जोरों से कर रहे हैं। बागवानी विकास अधिकारी उत्तम पराशर के अनुसार सामान्य किस्मों और स्पर वैरायटी की प्रूनिंग अलग-अलग तरीके से होती है। लिहाजा बागवानों को इस पर खास ध्यान देना चाहिए। इसके लिए विशेषज्ञों की राय लेना लाजिमी है।
विज्ञापन

बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजकुमार शर्मा ने बताया कि प्रूनिंग के बाद पौधों के कटे भाग पर पेस्ट लगाना अति आवश्यक है। जख्म में समय पर पेस्ट न लगाने से पौधा कैंकर रोग की चपेट में आ सकता है। लिहाजा सेब और अन्य फलदार पौधे में चौबाटिया पेस्ट लगाना जरूरी है। पौधे पर जख्म बड़ा है तो बागवान गोबर और चिकनी मिट्टी का पेस्ट लगा कर भी नुकसान की भरपाई कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed