{"_id":"59f74bd24f1c1b76678b835c","slug":"111509379026-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजौरा में आयुर्वेद अस्पताल के निर्माण का रास्ता साफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजौरा में आयुर्वेद अस्पताल के निर्माण का रास्ता साफ
Updated Mon, 30 Oct 2017 09:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बजौरा में जल्द बनेगा आयुर्वेद अस्पताल
भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया हुई पूरी, अब हो सकेगा निर्माण
आयुर्वेदिक विभाग के पास पड़ा है 90 लाख बजट
बजौरा में बनेगा 50 बिस्तरों का आयुर्वेद अस्पताल
बलदेव राज
कुल्लू। जिला कुल्लू के प्रवेश द्वार बजौरा में बनने वाले आयुर्वेदिक अस्पताल भवन के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण का फेर में अब समाप्त हो गया है। बजौरा के करीब 12 बीघा भूमि पर 50 बिस्तरों का अस्पताल बनाए जाने को हरी झंडी मिल गई है। अस्पताल के बन जाने से जिला के बंजार, सैंज, मणिकर्ण घाटी तथा मंडी जिला के सीमांत क्षेत्रों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन एक साल से इसके लिए भूमि अभी तक आयुर्वेद विभाग के नाम हस्तांतरित नहीं हो पाई थी। दिवंगत आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह का ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए आयुर्वेद अस्पताल के निर्माण के लिए विभाग के पास 90 लाख का बजट भी आ चुका है। अस्पताल का नक्शा भी तैयार हो चुका है। एस्टीमेट से लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, लेकिन वन विभाग के भूमि को आयुर्वेद विभाग के नाम हस्तांतरित नहीं करने से यह कार्य अटका हुआ था। जिला के प्रवेश द्वार बजौरा में बनने वाला यह अस्पताल जिला का सबसे बड़ा आयुर्वेदिक अस्पताल होगा। इसका लाभ जिला के सैकड़ों लोगों को होगा। दिवंगत मंत्री कर्ण सिंह के प्रयासों से बजौरा में आयुर्वेद अस्पताल को स्वीकृति मिली थी, लेकिन उनके देहांत के बाद मामला ठंडे बस्ते में था। मामले को लेकर कई बार आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों ने वन विभाग की आपत्तियों को दूर किया। काफी लंबे समय के बाद अब इसकी प्रक्रिया पूरी हो गई है। इधर, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ योगराज शर्मा ने कहा कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस संबंध में पत्र विभाग को पत्र भी मिल चुका है। अब अस्पताल का निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन
भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया हुई पूरी, अब हो सकेगा निर्माण
आयुर्वेदिक विभाग के पास पड़ा है 90 लाख बजट
बजौरा में बनेगा 50 बिस्तरों का आयुर्वेद अस्पताल
बलदेव राज
कुल्लू। जिला कुल्लू के प्रवेश द्वार बजौरा में बनने वाले आयुर्वेदिक अस्पताल भवन के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण का फेर में अब समाप्त हो गया है। बजौरा के करीब 12 बीघा भूमि पर 50 बिस्तरों का अस्पताल बनाए जाने को हरी झंडी मिल गई है। अस्पताल के बन जाने से जिला के बंजार, सैंज, मणिकर्ण घाटी तथा मंडी जिला के सीमांत क्षेत्रों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन एक साल से इसके लिए भूमि अभी तक आयुर्वेद विभाग के नाम हस्तांतरित नहीं हो पाई थी। दिवंगत आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह का ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए आयुर्वेद अस्पताल के निर्माण के लिए विभाग के पास 90 लाख का बजट भी आ चुका है। अस्पताल का नक्शा भी तैयार हो चुका है। एस्टीमेट से लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, लेकिन वन विभाग के भूमि को आयुर्वेद विभाग के नाम हस्तांतरित नहीं करने से यह कार्य अटका हुआ था। जिला के प्रवेश द्वार बजौरा में बनने वाला यह अस्पताल जिला का सबसे बड़ा आयुर्वेदिक अस्पताल होगा। इसका लाभ जिला के सैकड़ों लोगों को होगा। दिवंगत मंत्री कर्ण सिंह के प्रयासों से बजौरा में आयुर्वेद अस्पताल को स्वीकृति मिली थी, लेकिन उनके देहांत के बाद मामला ठंडे बस्ते में था। मामले को लेकर कई बार आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों ने वन विभाग की आपत्तियों को दूर किया। काफी लंबे समय के बाद अब इसकी प्रक्रिया पूरी हो गई है। इधर, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ योगराज शर्मा ने कहा कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस संबंध में पत्र विभाग को पत्र भी मिल चुका है। अब अस्पताल का निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।