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डीएवी स्कूल में परिवहन सेवा बंद करने से अ विक खफा
Updated Tue, 01 May 2018 10:24 PM IST
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डीएवी स्कूल में परिवहन सेवा
बंद करने से अभिभावक खफा
270 बच्चों के अभिभावकों ने आज से बच्चे स्कूल न भेजने का किया फैसला
पतलीकूहल/मनाली। डीएवी स्कूल कटराईं में परिवहन व्यवस्था बंद होने से अभिभावक खफा हो गए हैं। लिहाजा जब तक स्कूल ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं करता तब तक अभिभावकों ने बच्चे स्कूल न भेजने का फैसला किया है।
अभिभावकों सुुदर्शन ठाकुर, शशि, सुभाष, विक्की, राकेश, दिपेंद्र नेगी, टहल सिंह, संजय ठाकुर, नवीन, सुरेंद्र, आशा, कुलदीप शर्मा, चंद्र शर्मा, आदर्श ठाकुर, आशीष शर्मा, रामलाल, संदीप और झाबेराम ने कहा कि स्कूल द्वारा एकाएक परिवहन व्यवस्था बंद कर दी है। जिस कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन ने दाखिले के दौरान परिवहन व्यवस्था मुहैया करवाने का वादा किया था परंतु एकाएक परिवहन व्यवस्था बंद कर दी है। जिस कारण बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए स्वयं उन्हें स्कूल आना पड़ेगा जो कि संभव नहीं है। गौर रहे कि डीएवी कटराईं स्कूल में ऊझी घाटी के अनेक स्थानों से बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। अभिभावकों का कहना है कि वे 2 मई से अपने बच्चे स्कूल नहीं भेजेंगे जब तक परिवहन की पूरी जिम्मेवारी स्कूल प्रबंधन नहीं लेता है। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन नूरपूर बस हादसे का हवाला देकर परिवहन व्यवस्था न चलाने का बहाना बना रहा है। वहीं घाटी के सभी स्कूलों में परिवहन व्यवस्था मुहैया करवाई जा रही है। 2 माह पूर्व हुए दाखिले के बाद एकाएक इस निर्णय से अभिभावक परेशान हैं, वे दाखिले सहित वर्दी आदि में भारी भरकम खर्चा कर चुके हैं व 2 माह बाद इस फरमान के बाद वे स्कूल बदलने की स्थिति में भी नहीं हैं। इस संदर्भ में अभिभावकों ने एक प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त कुल्लू मुख्य अध्यापिका डीएवी मौहल, उपनिदेशक शिक्षा विभाग कुल्लू व डीएवी मैनजिंग कमेटी दिल्ली को भेज दिया है। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल अंशु ने बताया कि कांगड़ा हादसे के बाद बदले नियमों के चलते बच्चों के लिए हायर की गई टैक्सी के लिए अभिभावकों को अतिरिक्त पैसे देने को कहा था लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हैं। इसी के चलते मामला बढ़ा है।
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बंद करने से अभिभावक खफा
270 बच्चों के अभिभावकों ने आज से बच्चे स्कूल न भेजने का किया फैसला
पतलीकूहल/मनाली। डीएवी स्कूल कटराईं में परिवहन व्यवस्था बंद होने से अभिभावक खफा हो गए हैं। लिहाजा जब तक स्कूल ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं करता तब तक अभिभावकों ने बच्चे स्कूल न भेजने का फैसला किया है।
अभिभावकों सुुदर्शन ठाकुर, शशि, सुभाष, विक्की, राकेश, दिपेंद्र नेगी, टहल सिंह, संजय ठाकुर, नवीन, सुरेंद्र, आशा, कुलदीप शर्मा, चंद्र शर्मा, आदर्श ठाकुर, आशीष शर्मा, रामलाल, संदीप और झाबेराम ने कहा कि स्कूल द्वारा एकाएक परिवहन व्यवस्था बंद कर दी है। जिस कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन ने दाखिले के दौरान परिवहन व्यवस्था मुहैया करवाने का वादा किया था परंतु एकाएक परिवहन व्यवस्था बंद कर दी है। जिस कारण बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए स्वयं उन्हें स्कूल आना पड़ेगा जो कि संभव नहीं है। गौर रहे कि डीएवी कटराईं स्कूल में ऊझी घाटी के अनेक स्थानों से बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। अभिभावकों का कहना है कि वे 2 मई से अपने बच्चे स्कूल नहीं भेजेंगे जब तक परिवहन की पूरी जिम्मेवारी स्कूल प्रबंधन नहीं लेता है। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन नूरपूर बस हादसे का हवाला देकर परिवहन व्यवस्था न चलाने का बहाना बना रहा है। वहीं घाटी के सभी स्कूलों में परिवहन व्यवस्था मुहैया करवाई जा रही है। 2 माह पूर्व हुए दाखिले के बाद एकाएक इस निर्णय से अभिभावक परेशान हैं, वे दाखिले सहित वर्दी आदि में भारी भरकम खर्चा कर चुके हैं व 2 माह बाद इस फरमान के बाद वे स्कूल बदलने की स्थिति में भी नहीं हैं। इस संदर्भ में अभिभावकों ने एक प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त कुल्लू मुख्य अध्यापिका डीएवी मौहल, उपनिदेशक शिक्षा विभाग कुल्लू व डीएवी मैनजिंग कमेटी दिल्ली को भेज दिया है। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल अंशु ने बताया कि कांगड़ा हादसे के बाद बदले नियमों के चलते बच्चों के लिए हायर की गई टैक्सी के लिए अभिभावकों को अतिरिक्त पैसे देने को कहा था लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हैं। इसी के चलते मामला बढ़ा है।
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