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विकास की बात ::: महाराजनगर और उंबर के लिए पेयजल योजना पर काम शुरू
Sat, 10 Oct 2026 02:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:20 AM IST
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डंडयाल खड्ड (हरोट) में पेयजल योजना के लिए बोरिंग करती मशीनरी। संवाद
जालग (कांगड़ा)। उपमंडल जयसिंहपुर की आशापुरी पंचायत के महाराजनगर और उंबर गांवों में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए जल आपूर्ति योजना का काम शुरू हो गया है। आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने 21 जनवरी को इस योजना की आधारशिला रखी थी। करीब 89.79 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना से दोनों गांवों के लगभग 850 ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
योजना के लिए पानी का स्रोत डंडयाल खड्ड (हरोट) को बनाया गया है। वहां बोरिंग का काम शुरू कर दिया गया है। इसके बनने से दोनों गांवों में पानी की किल्लत दूर होगी। ग्रामीणों को मटमैले पानी की गंभीर समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
जल शक्ति विभाग (अनुभाग शांतिनगर) के कनिष्ठ अभियंता मुनीश शर्मा ने बताया कि योजना का निर्माण सात अक्तूबर से शुरू हो चुका है। इसे एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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योजना का खाका और तकनीकी पहलू
टैंक निर्माण: 20 हजार लीटर क्षमता का कलेक्शन टैंक और महाराजनगर में 50 हजार लीटर क्षमता का मुख्य भंडारण टैंक।
पाइपलाइन: 3500 मीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन और गांवों में वितरण के लिए 4400 मीटर पाइपलाइन बिछेगी।
पंपिंग ढांचा: दो ट्यूबवेल, एक पंप हाउस और दो आधुनिक पंपिंग मशीनें स्थापित होंगी।
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योजना के लिए पानी का स्रोत डंडयाल खड्ड (हरोट) को बनाया गया है। वहां बोरिंग का काम शुरू कर दिया गया है। इसके बनने से दोनों गांवों में पानी की किल्लत दूर होगी। ग्रामीणों को मटमैले पानी की गंभीर समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
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जल शक्ति विभाग (अनुभाग शांतिनगर) के कनिष्ठ अभियंता मुनीश शर्मा ने बताया कि योजना का निर्माण सात अक्तूबर से शुरू हो चुका है। इसे एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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योजना का खाका और तकनीकी पहलू
टैंक निर्माण: 20 हजार लीटर क्षमता का कलेक्शन टैंक और महाराजनगर में 50 हजार लीटर क्षमता का मुख्य भंडारण टैंक।
पाइपलाइन: 3500 मीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन और गांवों में वितरण के लिए 4400 मीटर पाइपलाइन बिछेगी।
पंपिंग ढांचा: दो ट्यूबवेल, एक पंप हाउस और दो आधुनिक पंपिंग मशीनें स्थापित होंगी।