कांगड़ा: 45 लाख खर्च कर अमेरिका गया था मिलवां का रोहित, घर लाैटने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
अमेरिका से डिपोर्ट जिला कांगड़ा के इंदौरा उपमंडल के गांव मिलवां का रोहित सोमवार दोपहर बाद अपने घर पहुंचा।
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अमेरिका से डिपोर्ट जिला कांगड़ा के इंदौरा उपमंडल के गांव मिलवां का रोहित सोमवार दोपहर बाद अपने घर पहुंचा। अमृतसर एयरपोर्ट से रोहित को नायब तहसीलदार ठाकुरद्वारा और पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा के प्रभारी घर लाए। घर पहुंचने के बाद रोहित ने किसी से कोई बात नहीं की और कमरे में चुपचाप बैठा रहा। इस दौरान युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।अमेरिका जाने के लिए रोहित के परिजनों ने करीब 45 लाख रुपये खर्च किए थे। रविवार देर रात रोहित अन्य भारतीयों के साथ अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचा था।
एयरपोर्ट पर नायब तहसीलदार जय चंद और चौकी प्रभारी चमन सिंह ने एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से कागजी कार्यवाही को पूरा किया। इसके बाद सोमवार दोपहर बाद अधिकारियों ने रोहित को उनके घर मिलवां में पहुंचाकर उसकी मां के सुपुर्द किया गया। रोहित गहरे सदमे में होने के चलते आपबीती नहीं सुना पाया। रोहित के पिता का देहांत हो चुका है और माता आशा रानी सरकारी स्कूल में मिड-डे मील हेल्पर हैं। रोहित का भाई नरेश भी विदेश में है। बहन की शादी हो चुकी है। रोहित की बहन ने बताया कि अमृतसर के एक एजेंट के माध्यम से रोहित अमेरिका गया था, जिसकी ठगी का वह शिकार हो गया। लाखों रुपये की ठगी करके एजेंट ने फोन भी बंद कर लिया है।
मां बोलीं-कैसे उतारेंगी बैंकों का कर्ज
घर पर मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। मां का कहना है कि वह अब कर्ज कैसे उतारेंगी। बहन ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले रोहित अमेरिका के लिए निकला था। इस दौरान अमृतसर एयरपोर्ट पर एजेंट ने एक सप्ताह उसे वहां रखा और फिर दुबई भेज दिया। आठ महीनों तक एजेंट ने उसे वहीं बैठाए रखा। आठ महीने के बाद तीन-चार देशों से होते हुए रोहित को मैक्सिको पहुंचा दिया और फिर एजेंट का फोन आया कि चार लाख रुपये और उसके खाते में डालो, आगे ग्रांटर को देने हैं। अमृतसर के एजेंट के खाते में दो बार चार-चार लाख डाल दिए, जबकि उसने 34 लाख रुपये पहले ही अपने खाते में डलवा लिए थे। मैक्सिको पहुंचने के बाद फिर एजेंट ने फोन किया और कहने लगा कि यहां रोहित के लिए अच्छा वकील करना है, उसके लिए भी पैसे भेजो। कुछ दिन बाद एजेंट ने फोन करके बोला कि मेरे को अब फोन मत करना और उस समय से आज तक एजेंट ने फोन नहीं उठाया।