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नूरपुर अस्पताल में स्ट्रोक से होने वाले लकवा का उपचार उपलब्ध : डॉ. आशीष
Tue, 18 Mar 2025 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 18 Mar 2025 12:43 AM IST
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जसूर (कांगड़ा)। स्ट्रोक के कारण अकसर होने वाले लकवा का अब नूरपुर सिविल अस्पताल में इलाज उपलब्ध है। नूरपुर अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के लिए अस्पताल में तैनात विशेषज्ञ डॉ. आशीष की ओर से अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई है। उन्होंने बताया कि आजकल की जीवनशैली में लोगों को स्ट्रोक के बारे में जागरूक होना जरूरी है। स्ट्रोक के कारण अकसर लकवा हो जाता है, जो व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह से बदल देता है। नूरपुर अस्पताल में इस बीमारी का समय पर इलाज उपलब्ध है, जिसमें टीपीए (टिश्यू प्लास्मिनोजन एक्टिवेटर) इंजेक्शन दिया जाता है। यह सरकार की ओर से मुफ्त में उपलब्ध करवाया गया है।
यह इंजेक्शन स्ट्रोक के कारण होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। स्ट्रोक के लक्षणों को आसानी से याद रखने के लिए फास्ट मेमोनिक का उपयोग किया जा सकता है। इसमें चेहरे पर कमजोरी, हाथ अथवा पैर में कमजोरी, बोलने में परेशानी, समय पर इलाज की आवश्यकता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यदि मरीज 4:30 घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचता है तो इलाज संभव है। यदि किसी व्यक्ति में स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अस्पताल उपचार के लिए पहुंचें। वहीं, एमएस नूरपुर अस्पताल विवेक बन्याल ने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्ट्रोक के इलाज में देरी करने से नुकसान हो सकता है। इसका समय पर इलाज करवाना आवश्यक है। नूरपुर अस्पताल में इस रोग का उपचार उपलब्ध है।
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यह इंजेक्शन स्ट्रोक के कारण होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। स्ट्रोक के लक्षणों को आसानी से याद रखने के लिए फास्ट मेमोनिक का उपयोग किया जा सकता है। इसमें चेहरे पर कमजोरी, हाथ अथवा पैर में कमजोरी, बोलने में परेशानी, समय पर इलाज की आवश्यकता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यदि मरीज 4:30 घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचता है तो इलाज संभव है। यदि किसी व्यक्ति में स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अस्पताल उपचार के लिए पहुंचें। वहीं, एमएस नूरपुर अस्पताल विवेक बन्याल ने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्ट्रोक के इलाज में देरी करने से नुकसान हो सकता है। इसका समय पर इलाज करवाना आवश्यक है। नूरपुर अस्पताल में इस रोग का उपचार उपलब्ध है।
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