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Kangra News: सड़कों पर उतरे तिब्बती, चीन के खिलाफ की नारेबाजी
Tue, 10 Mar 2026 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 10 Mar 2026 10:47 PM IST
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जिला मुख्यालय में तिब्बत की आजादी के लिए मांग करते तिब्बती समुदाय के लोग। -संवाद
कुल्लू। जिला मुख्यालय में निवार्सित तिब्बतियों ने चीन से तिब्बत की आजादी के लिए आवाज बुलंद की गई। इस दौरान लोगों ने सैकड़ों की संख्या में सड़कों पर उतरकर चीन के खिलाफ नारेबाजी की।
तिब्बतियों ने मंगलवार को हनुमानी बाग से ढालपुर चौक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, न्यायालय परिसर, उपायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय अस्पताल, कॉलेज चौक, लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र होते हुए मेला मैदान तक रैली निकाली।
इसके बाद मेला मैदान में 67वें तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस के अलावा तिब्बतियों की अहिंसक विरोध की 18वीं वर्षगांठ भी मनाई। इसमें भारत तिब्बत सहयोग मंच अध्यक्ष पेमा नामग्याल मुख्यातिथि, तिब्बतियन युवा कांग्रेस मनाली के अध्यक्ष तेंजिन विशेष अतिथि रहे। मेला मैदान ढालपुर में कार्यक्रम आयोजित किया।
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यहां तिब्बत और भारत के राष्ट्रगान से 67वें तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस का शुभारंभ हुआ। इसके अलावा तिब्बत की आजादी के लिए आत्मदाह करने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। भारत तिब्बत सहयोग मंच के अध्यक्ष पेमा नामग्याल ने कहा कि 10 मार्च 1959 में तिब्बतियों ने तिब्बत पर चीनी सरकार के कब्जे के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया था।
उसी दिन को याद करते हुए जिला मुख्यालय कुल्लू में रैली निकालकर तिब्बत की आजादी के लिए आवाज उठाई गई। उन्होंने कहा कि चीन के कब्जे के बाद तिब्बत में स्थानीय लोगों को जीने की मूलभूत सुविधाओं का भी अधिकार नहीं है। न शिक्षा, न धर्म, न ही चलने-फिरने की आजादी है। हमें तिब्बत के अंदर धर्म और संस्कृति की आजादी चाहिए। इसके लिए तिब्बती समुदाय भारत सरकार से भी सहयोग की अपील कर रहे हैं।
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तिब्बतियों ने मंगलवार को हनुमानी बाग से ढालपुर चौक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, न्यायालय परिसर, उपायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय अस्पताल, कॉलेज चौक, लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र होते हुए मेला मैदान तक रैली निकाली।
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इसके बाद मेला मैदान में 67वें तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस के अलावा तिब्बतियों की अहिंसक विरोध की 18वीं वर्षगांठ भी मनाई। इसमें भारत तिब्बत सहयोग मंच अध्यक्ष पेमा नामग्याल मुख्यातिथि, तिब्बतियन युवा कांग्रेस मनाली के अध्यक्ष तेंजिन विशेष अतिथि रहे। मेला मैदान ढालपुर में कार्यक्रम आयोजित किया।
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यहां तिब्बत और भारत के राष्ट्रगान से 67वें तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस का शुभारंभ हुआ। इसके अलावा तिब्बत की आजादी के लिए आत्मदाह करने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। भारत तिब्बत सहयोग मंच के अध्यक्ष पेमा नामग्याल ने कहा कि 10 मार्च 1959 में तिब्बतियों ने तिब्बत पर चीनी सरकार के कब्जे के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया था।
उसी दिन को याद करते हुए जिला मुख्यालय कुल्लू में रैली निकालकर तिब्बत की आजादी के लिए आवाज उठाई गई। उन्होंने कहा कि चीन के कब्जे के बाद तिब्बत में स्थानीय लोगों को जीने की मूलभूत सुविधाओं का भी अधिकार नहीं है। न शिक्षा, न धर्म, न ही चलने-फिरने की आजादी है। हमें तिब्बत के अंदर धर्म और संस्कृति की आजादी चाहिए। इसके लिए तिब्बती समुदाय भारत सरकार से भी सहयोग की अपील कर रहे हैं।