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Kangra News: आज रात आठ बजे से थम सकते हैं 108 और 102 एंबुलेंस के पहिये
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धर्मशाला। प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं रविवार रात आठ बजे से पूरी तरह पटरी से उतर सकती हैं। अपनी लंबित मांगों को लेकर 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। यह हड़ताल 11 अप्रैल सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान जोखिम में पड़ सकती है।
एंबुलेंस यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रशांत ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान न होने के कारण अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया गया है। हड़ताल के दौरान सभी कर्मचारी एंबुलेंस की चाबियां स्वास्थ्य विभाग को सौंप देंगे। जिले में वर्तमान में 108 सेवा की 36 और 102 सेवा की 26 गाड़ियों के अलावा 2 बाइक एंबुलेंस भी उपलब्ध हैं, जिनके पहिए थमने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती होगा।
नौ चालकों के भरोसे पूरा जिला
स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधनों का भारी अभाव है। जिले में एंबुलेंस चालकों के कुल 48 पद रिक्त पड़े हैं और वर्तमान में केवल 9 चालक ही कार्यरत हैं। ऐसे में हड़ताल के दौरान 62 से अधिक वाहनों को सुचारु रूप से चलाना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि विभाग उपलब्ध चालकों की ड्यूटी प्रमुख अस्पतालों में लगाने की तैयारी में है, लेकिन बड़े भौगोलिक क्षेत्र वाले कांगड़ा जिले के लिए यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
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उधर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकार और उच्च अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। हड़ताल के दिनों में मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
जिला कांगड़ा में चालकों के अधिकतर पद खाली हैं। यदि हड़ताल होती है, तो उपलब्ध 9 चालकों की ड्यूटी प्रमुख अस्पतालों में लगाई जाएगी। रिक्त पदों के बारे में सरकार को समय-समय पर सूचित किया जाता रहा है। -डॉ. विवेक करोल, सीएमओ कांगड़ा
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एंबुलेंस यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रशांत ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान न होने के कारण अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया गया है। हड़ताल के दौरान सभी कर्मचारी एंबुलेंस की चाबियां स्वास्थ्य विभाग को सौंप देंगे। जिले में वर्तमान में 108 सेवा की 36 और 102 सेवा की 26 गाड़ियों के अलावा 2 बाइक एंबुलेंस भी उपलब्ध हैं, जिनके पहिए थमने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती होगा।
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नौ चालकों के भरोसे पूरा जिला
स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधनों का भारी अभाव है। जिले में एंबुलेंस चालकों के कुल 48 पद रिक्त पड़े हैं और वर्तमान में केवल 9 चालक ही कार्यरत हैं। ऐसे में हड़ताल के दौरान 62 से अधिक वाहनों को सुचारु रूप से चलाना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि विभाग उपलब्ध चालकों की ड्यूटी प्रमुख अस्पतालों में लगाने की तैयारी में है, लेकिन बड़े भौगोलिक क्षेत्र वाले कांगड़ा जिले के लिए यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
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उधर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकार और उच्च अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। हड़ताल के दिनों में मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
जिला कांगड़ा में चालकों के अधिकतर पद खाली हैं। यदि हड़ताल होती है, तो उपलब्ध 9 चालकों की ड्यूटी प्रमुख अस्पतालों में लगाई जाएगी। रिक्त पदों के बारे में सरकार को समय-समय पर सूचित किया जाता रहा है। -डॉ. विवेक करोल, सीएमओ कांगड़ा