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Kangra News: बीमा कंपनी को देना होगा चोरी सामान का मुआवजा

Mon, 09 Mar 2026 01:49 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Mon, 09 Mar 2026 01:49 AM IST
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The insurance company will have to pay compensation for the stolen goods.
धर्मशाला। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-एक, राजेश चौहान की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी द्वारा तकनीकी आधार पर खारिज किए गए दावे को स्वीकार करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह वादी को चोरी हुए सामान की एवज में 76,814 रुपये का भुगतान करे।
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गगल निवासी योग राज (सरकारी ठेकेदार) ने अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए इलाहाबाद बैंक से 4,00,000 रुपये का ऋण लिया था। इस ऋण की सुरक्षा के लिए बैंक ने योग राज की ओर से निर्माण सामग्री (जैसे शटरिंग, इमर्सिबल पंप आदि) का बीमा प्रतिवादी बीमा कंपनी से करवाया था। 14 नवंबर 2011 को योग राज के स्टोर से ताला तोड़कर भारी मात्रा में सामग्री चोरी हो गई, जिसकी सूचना पुलिस और बैंक को दी गई थी।
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सर्वेक्षक (सर्वेयर) ने अपनी रिपोर्ट में चोरी की पुष्टि की, लेकिन बीमा कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि चोरी की सूचना घटना के 24 घंटे के भीतर नहीं दी गई, जो पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त कंपनी का तर्क था कि यह शॉपकीपर्स पैकेज पॉलिसी थी और चोरी हुआ सामान व्यापारिक स्टॉक के बजाय व्यक्तिगत उपयोग का था।
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निचली अदालत ने पहले इस मामले को खारिज कर दिया था। इसके बाद योग राज ने जिला अदालत में अपील दायर की। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने मामले की समीक्षा करते हुए पाया कि वादी ने अपनी ओर से बैंक को समय पर सूचित कर दिया था। अदालत ने टिप्पणी की कि जब बैंक द्वारा बीमा करवाया गया हो तो सूचना की देरी के लिए केवल ग्राहक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि चोरी हुआ सामान व्यावसायिक ऋण के माध्यम से खरीदा गया था और वह पॉलिसी के तहत कवर था। साक्ष्यों और पुलिस जांच के आधार पर, अदालत ने चोरी हुए सामान की कुल राशि 76,814 रुपये निर्धारित की और इसे चुकाने का आदेश दिया। संवाद
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