फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   The charm of the Daadi fair has faded, the enthusiasm of the children has decreased.

Kangra News: दाड़ी मेले की फीकी पड़ी रौनक, बच्चों का घटा उत्साह

Fri, 17 Apr 2026 05:31 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Fri, 17 Apr 2026 05:31 AM IST
विज्ञापन
The charm of the Daadi fair has faded, the enthusiasm of the children has decreased.
झूलों के बढ़े दाम और घटता दायरा बना वजह, खिलौनों की जगह कपड़ों के स्टॉल हावी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला के दाड़ी मैदान में आयोजित पारंपरिक धुम्मूशाह मेला इस बार अपनी पुरानी रौनक खोता नजर आ रहा है। बड़े-बुजुर्गों के साथ-साथ अब बच्चों में भी मेले को लेकर उत्साह कम हो गया है।
पहले यह मेला खासकर बच्चों और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र होता था, लेकिन इस बार महंगाई और मेले के सीमित दायरे ने इसकी चमक को फीका कर दिया है। बच्चों का कहना है कि पहले मेला बड़े क्षेत्र में आयोजित होता था, जिसमें शिव मंदिर और प्राइमरी स्कूल परिसर तक दुकानें लगती थीं, लेकिन अब यह केवल मैदान तक सिमट कर रह गया है।
विज्ञापन

मेले में दुकानों की संख्या भी कम हो गई है। खासकर बच्चों के खिलौनों की दुकानें बहुत कम दिखाई दीं, जबकि अधिकांश स्थानों पर कपड़ों के स्टॉल लगे हुए हैं। इसके अलावा, सामान और झूलों के दाम में भी 50 से 100 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। मैदान में लगाए गए झूलों का किराया 70 से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है, जिससे बच्चों और अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में नए और आधुनिक आकर्षणों की कमी साफ नजर आ रही है। आज के समय में जब बच्चों के पास मनोरंजन के कई विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में मेले में कुछ नया न होने के कारण उनका रुझान लगातार कम होता जा रहा है।

बॉक्स:

मैदान को भरने के लिए ठेकेदार ने बाद में आधे दाम पर बेचे प्लॉट
आयोजकों ने मेले की स्थिति संभालने और मैदान को पूरा भरने की कोशिश में बाद में प्लॉटों को आधे दाम पर भी बेचना पड़ा। पहले जो स्टॉल 50,000 में मिल रहे थे । वही प्लॉट मेला आयोजित होने के चार से पांच दिन बाद 25,000 और 30,000 में मिले। मेले में दुकानें लगाने आए कारोबारी मनोज, राहुल, विष्णु, अमित ने बताया कि प्लॉट महंगे होने के कारण मेले शुरू होने के समय प्लॉट नहीं खरीद पाए थे। लेकिन बाद में मेले में जब काफी प्लॉट खाली रह गया तो ठेकेदार ने सस्ते दामों प्लॉट बेचे। कारोबारियों ने कहा कि पहले मेले में सस्ते स्टाॅल मिल जाते थे तो कुछ पैसे बच जाते थे। लेकिन अब केवल स्टॉल के किराया ही पूरा हो रहा है।

क्या कहते हैं बच्चे

अब मेले में पुरानी रौनक नहीं दिख रही है। इस बार का मेला बोरिंग हो रहा है। मेले में हर तरफ कपड़े की दिखाई दे रहे हैं। बच्चों के खिलौने बहुत कम दिख रहे है और महंगे भी मिल रहे हैं।- नंदनी


मेले में पारंपरिक गतिविधियां बहुत कम दिखाई दे रही हैं। पहले मेला घूमने में मजा आता था, लेकिन अब केवल मैदान ही रह गया है। खिलौने भी महंगे मिल रहे हैं।-सक्षम आर्यन

मेले में इस बार रौनक दिख रही है। जबकि मेले में इस बार 50 से 100 रुपये की बढोत्तरी की गई है। - रीना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed