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जन्माष्टमी : पांच सितंबर को 7:13 बजे के बाद होगा उत्तम पारण मुहूर्त
Wed, 02 Sep 2026 01:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:26 AM IST
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धर्मशाला। सनातन धर्म में विशेष आस्था का प्रतीक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व धर्मशाला व आसपास के क्षेत्रों में धूमधाम और श्रद्धाभाव से मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय मंदिरों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस वर्ष जन्माष्टमी का पावन व्रत चार सितंबर (शुक्रवार) को रखा जाएगा। कचहरी अड्डा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित ललित कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालु व्रत रखकर विशेष पूजा-अर्चना आरंभ करेंगे।
पुजारी पंडित ललित कुमार के अनुसार, कई श्रद्धालु मध्यरात्रि 12:45 बजे जन्मोत्सव उपरांत प्रसाद ग्रहण कर व्रत खोलते हैं। धार्मिक मान्यताओं व पंचांग के अनुसार व्रत पारण का सबसे उत्तम मुहूर्त अगले दिन पांच सितंबर को सुबह 7:13 बजे के बाद रहेगा।
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मंदिरों में संकीर्तन और धार्मिक आयोजन
जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर हनुमान मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चलेगा। इसके उपरांत रात्रि 11 बजे से लेकर 1 बजे तक महिलाओं की ओर से विशेष संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा जिसमें कान्हा के भजनों और उनकी बाल लीलाओं का गुणगान होगा।
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पुजारी पंडित ललित कुमार के अनुसार, कई श्रद्धालु मध्यरात्रि 12:45 बजे जन्मोत्सव उपरांत प्रसाद ग्रहण कर व्रत खोलते हैं। धार्मिक मान्यताओं व पंचांग के अनुसार व्रत पारण का सबसे उत्तम मुहूर्त अगले दिन पांच सितंबर को सुबह 7:13 बजे के बाद रहेगा।
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मंदिरों में संकीर्तन और धार्मिक आयोजन
जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर हनुमान मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चलेगा। इसके उपरांत रात्रि 11 बजे से लेकर 1 बजे तक महिलाओं की ओर से विशेष संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा जिसमें कान्हा के भजनों और उनकी बाल लीलाओं का गुणगान होगा।
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