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Kangra News: होगा ये विकास किन्हीं औरों के लिए जनाब मुझे तो समझ नहीं आता...

Fri, 09 Feb 2024 03:55 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Feb 2024 03:55 AM IST
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Sir, I don't understand whether this development will happen for someone else...
गगल (कांगड़ा)। एयरपोर्ट विस्तारीकरण की सुनवाई को लेकर चौथे दिन एडीएम हरीश गज्जू की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में ग्रामीणों ने एक स्वर में फिर दोहराया कि हमें कोई भी मांग स्वीकार नहीं है। हवाई अड्डे का विस्तार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के भविष्य से खिलवाड़ करने जा रही है। उसके लिए इलाके की जनता सरकार को कभी माफ नहीं करेगी और चंद नेताओं और होटल वालों को लाभ पहुंचाने के लिए हजारों किसानों को भूमिहीन किया जा रहा है। हजारों दुकानदारों को बेरोजगार किया जा रहा है और हजारों परिवार भूमिहीन हो रहे हैं। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार यही चाहती है कि हम अपने हंसते-खेलते घर छोड़कर भीख का कटोरा पकड़ लें और इन नेताओं के आगे भीख मांगें, जो कभी नहीं होगा। इसके लिए चाहे प्राणों की आहुतियां क्यों न देनी पड़ें। जनसुनवाई के दौरान गगल के युवा एडवोकेट विरेन कुंद्रा ने जो कविता विस्थापन पर पढ़कर सुनाई, इससे पूरा माहौल गम के सागर में डूब गया। विरेन अपनी कविता में पूछा कि यह कैसा विकास है जिसमें कुछ के लिए हजारों का विनाश है। सरकार को चाहिए कि वह ऐसी व्यवस्था करे कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे।
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कविता के जरिए कुछ यूं सुनाई पीड़ा-
होगा ये विकास किन्हीं औरों के लिए जनाब मुझे तो समझ नहीं आता ये हमारे लिए विकास कैसे है...
चले हैं हम सब एक दूजे के साथ कंधे से कंधा मिलाके तो ये फिर एक दूजे से बिछड़ जाना विकास कैसे है…
खुशी बांटी है दुख बांटा है हमने...आपको क्या लगता है हमारे लिए सब कुछ बस ये पैसे हैं...
पैसा तो हाथों की मैल है जनाब हम सबने एक दूजे को कमाया है हम सब तो ऐसे हैं...
होगा ये विकास किन्हीं औरों के लिए जनाब मुझे तो समझ नहीं आता ये हमारे लिए विकास कैसे है...
एसडीएम और एडीएम साहब अब बस यही कहूंगा..
बनाना है एयरपोर्ट अगर तो आप लोग बना लीजिए...
मेरे प्रदेश का आप खुले दिल से विकास कीजिये...
बस आरएनआर बनाते समय इतना सा एहसान करना...
आरएनआर के नाम पर धोखा करके हम सबको विकास के नाम पर सजा न दीजिए...
बनाना है अगर आपको एयरपोर्ट तो आप बना लीजिये...
बस मुझे मेरे गांव बासियों या मेरे रोजगार के साथ आसपास ही अच्छी जगह बसा दीजिए..
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