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मेलों-उत्सवों से शिटाके मशरूम को दिलाई जाएगी पहचान : कुमुद
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पालमपुर में शिटाके मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण केंद् को निरीक्षण करते हुए कृष
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि निदेशक कुमुद सिंह ने कहा कि शिटाके मशरूम के उत्पादन में बढ़ोतरी करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्रीय मेलों प्रदर्शनियों, शीतकालीन ग्रीष्मकालीन उत्सवों के माध्यम से शिटाके मशरूम को पहचान दिलाई जाएगी। साथ ही इसे लोकप्रिय बनाने के संबंध में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें करने का भी निर्देश दिए गए। ताकि होटल कारोबारियों द्वारा अपने व्यंजनों में शिटाके को शामिल करने से शिटाके मशरूम का उपयोग कृषक समुदाय के लिए शिटाके के विपणन को बढ़ाने में मदद करेगा।
शुक्रवार को कृषि निदेशक कुमुद सिंह ने जायका समर्थित फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के अंतर्गत स्थापित शिटाके मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण केंद्र पालमपुर का निरीक्षण किया। शिटाके मशरूम और केंद्र द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी ली। शिटाके विशेषज्ञ डॉ. सपन ठाकुर और डॉ. नागेंद्र नाग ने निदेशक (कृषि) को इस बारे में विस्तृत जानकारी दी। शिटाके एक नया मशरूम है और प्रदेश के किसान इसे अपनाकर अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकेंगे।
प्रदेश कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (जायका समर्थित) के माध्यम से कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में शिटाके मशरूम खेती प्रशिक्षण केंद्र (एससीटीसी) स्थापित किया गया है। इसमे 3.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जायका परियोजना के दूसरे चरण में एससीटीसी के लिए 5.9 करोड़ रुपयों का प्रावधान रखा गया है। इस दौरान डॉ. पवन शर्मा, अतिरिक्त कृषि निदेशक (उत्तरी खंड), डॉ. राहुल कटोच, कृषि उपनिदेशक कांगड़ा एवं डॉ. रजनीश शर्मा और विषयवाद विशेषज्ञ पालमपुर भी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को कृषि निदेशक कुमुद सिंह ने जायका समर्थित फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के अंतर्गत स्थापित शिटाके मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण केंद्र पालमपुर का निरीक्षण किया। शिटाके मशरूम और केंद्र द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी ली। शिटाके विशेषज्ञ डॉ. सपन ठाकुर और डॉ. नागेंद्र नाग ने निदेशक (कृषि) को इस बारे में विस्तृत जानकारी दी। शिटाके एक नया मशरूम है और प्रदेश के किसान इसे अपनाकर अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकेंगे।
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प्रदेश कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (जायका समर्थित) के माध्यम से कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में शिटाके मशरूम खेती प्रशिक्षण केंद्र (एससीटीसी) स्थापित किया गया है। इसमे 3.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जायका परियोजना के दूसरे चरण में एससीटीसी के लिए 5.9 करोड़ रुपयों का प्रावधान रखा गया है। इस दौरान डॉ. पवन शर्मा, अतिरिक्त कृषि निदेशक (उत्तरी खंड), डॉ. राहुल कटोच, कृषि उपनिदेशक कांगड़ा एवं डॉ. रजनीश शर्मा और विषयवाद विशेषज्ञ पालमपुर भी मौजूद रहे।
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