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शक्तिपीठों में दूसरे नवरात्र में हुई ब्रह्मचारिणी की पूजा
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ज्वालामुखी/कांगड़ा। जिले के शक्तिपीठों में दूसरे नवरात्र पर भी दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। ज्वालाजी में लगभग छह हजार श्रद्धालु माता के दर्शनों को पहुंचे। वहीं, मां बज्रेश्वरी मंदिर में दूसरे नवरात्र मेले में दस हजार श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन किए। इसके अलावा श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में दूसरे दिन मात्र एक हजार श्रद्धालु मां चामुंडा के दरबार में नतमस्तक हुए। दिनभर मंदिर मां के जयकारों से गूंजते रहे।
शुक्रवार को नवरात्र के दूसरे दिन ज्वालाजी में मां ब्रह्मचारिणी का पूजन किया गया और प्रसाद चढ़ाया गया। देश के कोने-कोने से भक्त मंदिर ज्वालाजी पहुंच रहे हैं। भक्तों को दरबार में अद्भुत अनुभूति मिल रही है। रंग-बिरंगी लाइट्स और फूलों से सजा दरबार भक्तों को भा रहा है।
प्रशासन की तरफ से सभी इंतजाम व्यवस्थित हैं। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मास्क लगाकर माता के दर्शन कर रहे हैं। वहीं, मंदिर में श्रद्धालु नाचते-गाते पहुंच रहे हैं। हरियाणा से आए श्रद्धालु राहुल गुप्ता और पानीपत से आए राजेश यादव ने बताया कि माता ज्वाला का दरबार बहुत ही अद्भुत सजा है। वे कोरोना के कारण दो वर्षों तक ज्वाला माता के दर्शन नहीं कर पाए। इसलिए इस वर्ष मनवांछित दर्शन हुए और मन प्रसन्न हो गया। उन्होंने बताया कि वे हर वर्ष ज्वालाजी दर्शनों को पहुंचते हैं। वहीं, पानीपत से आई महिला श्रद्धालु कविता ने बताया कि उन्होंने दो वर्ष पहले बेटे की मन्नत माता ज्वाला से मांगी थी, तो उनके यहां बेटा हुआ। अब वह मन्नत उतारने और माता ज्वाला के दर्शनों के लिए यहां पहुंची हैं और माता के दरबार आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। माता ज्वाला सबकी झोली भरती हैं। मंदिर न्यास सदस्य पुजारी सौरभ शर्मा ने बताया कि आज शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई और विभिन्न राज्यों से काफी संख्या में श्रद्धालु माता ज्वाला के दर्शनों को पहुंच रहे हैं। माता सभी पर अपनी कृपा बनाए रखे और नवरात्र सुख शांति से संपन्न हों।
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शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर में सुबह से लगी रही भीड़
कांगड़ा। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर में दूसरे नवरात्र मेले में दस हजार श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। मंदिर में सुबह से ही यात्रियों का हुजूम माता के दर्शनों को उमड़ पड़ा। शहर की तकरीबन सभी सरकारी और निजी पार्किंग फुल रहीं। दिनभर कांगड़ा शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही से बाजार गुलजार रहे। मंदिर बाजार में भी खूब रौनक उमड़ी। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि कि पहले नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं ने एक लाख 85 हजार रुपये की नकदी चढ़ाई। मंदिर प्रशासन ने यात्रियों की व्यवस्थाओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं।
चामुंडा में दूसरे दिन पहुंचे कम संख्या श्रद्धालु
चामुंडा(कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इससे दुकानदारों के चेहरे लटके रहे। शुक्रवार को दूसरे दिन यज्ञशाला में मनु सूद और जीत राम ने पूजा-अर्चना की। मुख्य विद्वान पंडित बालक राम ने बताया कि आज दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। उन्होंने यह भी बताया कि अष्टमी की रात को मां का पुराना सिंदूर उतारकर नया संदूर अर्पित कर मां चामुंडा का नशीत पूजन किया जाएगा और 108 प्रकार के व्यजनों का भोग मां चामुंडा के चरणों में अर्पित किया जाएगा। मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार एसओपी के तहत दर्शन करवाए जा रहे हैं। वहीं, जालंधर निवासी मोहिंदर ने बताया कि यहां व्यवस्था बहुत अच्छी तरह से की गई है। किसी भी श्रद्धालु को किसी किस्म की दिक्कत नहीं हो रही है। दूसरे दिन मात्र एक हजार श्रद्धालु मां चामुंडा के दरबार नतमस्तक हुए और सभी श्रद्धालुओं ने सरकार की एसओपी के तहत माथा टेका।
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शुक्रवार को नवरात्र के दूसरे दिन ज्वालाजी में मां ब्रह्मचारिणी का पूजन किया गया और प्रसाद चढ़ाया गया। देश के कोने-कोने से भक्त मंदिर ज्वालाजी पहुंच रहे हैं। भक्तों को दरबार में अद्भुत अनुभूति मिल रही है। रंग-बिरंगी लाइट्स और फूलों से सजा दरबार भक्तों को भा रहा है।
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प्रशासन की तरफ से सभी इंतजाम व्यवस्थित हैं। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मास्क लगाकर माता के दर्शन कर रहे हैं। वहीं, मंदिर में श्रद्धालु नाचते-गाते पहुंच रहे हैं। हरियाणा से आए श्रद्धालु राहुल गुप्ता और पानीपत से आए राजेश यादव ने बताया कि माता ज्वाला का दरबार बहुत ही अद्भुत सजा है। वे कोरोना के कारण दो वर्षों तक ज्वाला माता के दर्शन नहीं कर पाए। इसलिए इस वर्ष मनवांछित दर्शन हुए और मन प्रसन्न हो गया। उन्होंने बताया कि वे हर वर्ष ज्वालाजी दर्शनों को पहुंचते हैं। वहीं, पानीपत से आई महिला श्रद्धालु कविता ने बताया कि उन्होंने दो वर्ष पहले बेटे की मन्नत माता ज्वाला से मांगी थी, तो उनके यहां बेटा हुआ। अब वह मन्नत उतारने और माता ज्वाला के दर्शनों के लिए यहां पहुंची हैं और माता के दरबार आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। माता ज्वाला सबकी झोली भरती हैं। मंदिर न्यास सदस्य पुजारी सौरभ शर्मा ने बताया कि आज शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई और विभिन्न राज्यों से काफी संख्या में श्रद्धालु माता ज्वाला के दर्शनों को पहुंच रहे हैं। माता सभी पर अपनी कृपा बनाए रखे और नवरात्र सुख शांति से संपन्न हों।
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शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर में सुबह से लगी रही भीड़
कांगड़ा। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर में दूसरे नवरात्र मेले में दस हजार श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। मंदिर में सुबह से ही यात्रियों का हुजूम माता के दर्शनों को उमड़ पड़ा। शहर की तकरीबन सभी सरकारी और निजी पार्किंग फुल रहीं। दिनभर कांगड़ा शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही से बाजार गुलजार रहे। मंदिर बाजार में भी खूब रौनक उमड़ी। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि कि पहले नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं ने एक लाख 85 हजार रुपये की नकदी चढ़ाई। मंदिर प्रशासन ने यात्रियों की व्यवस्थाओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं।
चामुंडा में दूसरे दिन पहुंचे कम संख्या श्रद्धालु
चामुंडा(कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इससे दुकानदारों के चेहरे लटके रहे। शुक्रवार को दूसरे दिन यज्ञशाला में मनु सूद और जीत राम ने पूजा-अर्चना की। मुख्य विद्वान पंडित बालक राम ने बताया कि आज दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। उन्होंने यह भी बताया कि अष्टमी की रात को मां का पुराना सिंदूर उतारकर नया संदूर अर्पित कर मां चामुंडा का नशीत पूजन किया जाएगा और 108 प्रकार के व्यजनों का भोग मां चामुंडा के चरणों में अर्पित किया जाएगा। मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार एसओपी के तहत दर्शन करवाए जा रहे हैं। वहीं, जालंधर निवासी मोहिंदर ने बताया कि यहां व्यवस्था बहुत अच्छी तरह से की गई है। किसी भी श्रद्धालु को किसी किस्म की दिक्कत नहीं हो रही है। दूसरे दिन मात्र एक हजार श्रद्धालु मां चामुंडा के दरबार नतमस्तक हुए और सभी श्रद्धालुओं ने सरकार की एसओपी के तहत माथा टेका।