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पहाड़ों की बारिश से मुश्किल हुआ चक्की खड्ड के पानी का बहाव बदलना

Sat, 27 Aug 2022 12:03 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 12:03 AM IST
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Rain in the mountains, it became difficult to change the flow of Chakki Khad
चक्की खडड् में पानी को डायवर्ट करने में जुटी पोकलेन। - फोटो : Kangra
कंडवाल (कांगड़ा)। राष्ट्रीय राजमार्ग 154 पर चक्की खड्ड में बने पुल को पानी के तेज बहाव से सुरक्षित करने के लिए एनएचएआई युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसके बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से खड्ड में पानी का बहाव बढ़ने के कारण पानी का रुख बदलने में टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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बुधवार दिन के बाद रात को भी चक्की खड्ड में पानी के बहाव को बदलने के लिए नया चैनल बनाने के कार्य चलता रहा। इस दौरान एनएचएआई के अधिकारी भी देर रात तक मौके पर मौजूद रहे। हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद खड्ड में बढ़े पानी ने सारी मेहनत पर पानी फिर गया। सारी रात सात पोकलेन मशीनें लगाने के बावजूद रात को पहाड़ों में ज्यादा बारिश होने के कारण पानी आने से जितना पानी डायवर्ट किया था, वह पुन: पुराने गड्ढों में से होकर ही गुजरने लगा। वहीं, नीचे से भूमि कटाव होने से पिलरों को खतरा बढ़ गया है।
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चक्की खड्ड के नाले का रूप घर लेने के कारण अब पानी का बहाव और तेज हो गया है और मिट्टी का कटाव भी तेज रफ्तार से कर रहा है। इसके चलते रेलवे पुल ध्वस्त होने के बाद अब एनएच-154 पर बने पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। रेलवे पुल का पिलर बहने और पंजाब की तरफ से एनएच-154 पर बने पुल के पहले पिलर के पास लगभग 40 फीट गहरा गड्ढा होने के कारण यह पिलर जमीन से बाहर आ गया है। इस कारण उसके आसपास की जमीन के धंसने के कारण पुल को खतरा पैदा हो गया है।
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चार और पोकलेन मशीनेें मंगवाईं
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पालमपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कर्नल अलिन सेन ने बताया कि खड्ड में पानी के बहाव को बदलने के लिए दिन-रात कार्य किया जा रहा है। बारिश के कारण कार्य में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी और सेना की पोकलेन मशीनों के अलावा चार और पोकलेन मशीनों को मंगवाया गया है। इससे कार्य में और तेजी आएगी।
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