{"_id":"61bf65cb1d9b47392c2cd623","slug":"police-driver-recruitment-kangra-news-sml3939867164","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस चालक भर्ती में युवाओं को बिठाने पर रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस चालक भर्ती में युवाओं को बिठाने पर रोष
विज्ञापन
पुलिस चालक भर्ती में एडमिट कार्ड के बावजूद परीक्षा में बैठने न दिए गए अभ्यर्थी
- फोटो : Kangra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैजनाथ (कांगड़ा)। पुलिस चालक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों में परीक्षा के आयोजकों (पुलिस विभाग) की कार्य प्रणाली के प्रति गहरा रोष है। दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री जयराम से मामले में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
अभ्यर्थियों आशीष ठाकुर, अभिषेक, निखिल, पवन, साहिल, अभय, अजय, सूरज सिंह, राहुल, लकी, सोनी कुमार, रजत, निशांत और मोहित का कहना है कि पुलिस चालक भर्ती के लिए उन्हें परीक्षा के आयोजकों ने एडमिट कार्ड जारी किए गए थे।
उनका कहना है कि जब वे धर्मशाला में भर्ती के लिए इन एडमिट कार्ड के साथ पहुंचे, तब उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि उनके लाइसेंस एलएमवी हैं। युवाओं का कहना है कि परीक्षा के लिए भरे गए फार्म में ऐसी कोई शर्त नहीं थी और लाइसेंस के लिए ऑप्शन दी गई थी। उनका कहना है कि फार्म भरने के बाद ही उन्हें एडमिट कार्ड जारी किए गए थे। फार्म में हैवी लाइसेंस की शर्त होने पर उन्होंने यह फार्म नहीं भरना था। युवाओं का कहना है कि वे दूरदराज के क्षेत्रों से समय और पैसा खर्च कर धर्मशाला पहुंचे, लेकिन उन्हें परीक्षा में भाग नहीं लेने दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मामले की जांच करवा कर उन्हें कांस्टेबल भर्ती के लिए मौका देने का आग्रह किया है। वहीं इस संदर्भ में एसपी कांगड़ा डॉ. खुशहाल शर्मा का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों को बाहर किया गया है, वे चालक की भर्ती के लिए तय मानदंडों को पूरा नहीं करते थे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती कमेटी के समक्ष आग्रह कर सामान्य वर्ग में भर्ती होने की अपील कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभ्यर्थियों आशीष ठाकुर, अभिषेक, निखिल, पवन, साहिल, अभय, अजय, सूरज सिंह, राहुल, लकी, सोनी कुमार, रजत, निशांत और मोहित का कहना है कि पुलिस चालक भर्ती के लिए उन्हें परीक्षा के आयोजकों ने एडमिट कार्ड जारी किए गए थे।
विज्ञापन
उनका कहना है कि जब वे धर्मशाला में भर्ती के लिए इन एडमिट कार्ड के साथ पहुंचे, तब उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि उनके लाइसेंस एलएमवी हैं। युवाओं का कहना है कि परीक्षा के लिए भरे गए फार्म में ऐसी कोई शर्त नहीं थी और लाइसेंस के लिए ऑप्शन दी गई थी। उनका कहना है कि फार्म भरने के बाद ही उन्हें एडमिट कार्ड जारी किए गए थे। फार्म में हैवी लाइसेंस की शर्त होने पर उन्होंने यह फार्म नहीं भरना था। युवाओं का कहना है कि वे दूरदराज के क्षेत्रों से समय और पैसा खर्च कर धर्मशाला पहुंचे, लेकिन उन्हें परीक्षा में भाग नहीं लेने दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मामले की जांच करवा कर उन्हें कांस्टेबल भर्ती के लिए मौका देने का आग्रह किया है। वहीं इस संदर्भ में एसपी कांगड़ा डॉ. खुशहाल शर्मा का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों को बाहर किया गया है, वे चालक की भर्ती के लिए तय मानदंडों को पूरा नहीं करते थे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती कमेटी के समक्ष आग्रह कर सामान्य वर्ग में भर्ती होने की अपील कर सकते हैं।
विज्ञापन