{"_id":"6a91d37fe7db5aedcf0d3cfe","slug":"players-sweating-it-out-on-muddy-fields-kangra-news-c-90-1-ssml1024-210878-2026-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: कीचड़ से भरे मैदानों में पसीना बहा रहे खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: कीचड़ से भरे मैदानों में पसीना बहा रहे खिलाड़ी
विज्ञापन
जोगिंद्रनगर में पत्थर, मिट्टी और कीचड़ से लबालब खेल मैदान में अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सिंथेटिक ट्रैक उपलब्ध करवाने के दावे दशकों बाद भी धरातल पर नहीं उतर सके हैं। हालात यह हैं कि एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके खिलाड़ी आज भी पत्थर, मिट्टी और कीचड़ से भरे मैदानों में अभ्यास करने के लिए मजबूर हैं।
अभ्यास के लिए बेहतर मैदान और 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा न होने से खिलाड़ियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खिलाड़ियों को ऊबड़-खाबड़ मैदान में अभ्यास के दौरान चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है। जोगिंदरनगर, चौंतड़ा और लडभड़ोल के खेल मैदानों में संसाधनों की कमी पर खिलाड़ियों में रोष है।
उपमंडल की करीब 55 पंचायतों से जुड़े 300 से अधिक खिलाड़ियों को मौजूदा परिस्थितियों में सेना और पुलिस भर्ती सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए लगातार पसीना बहा रहे हैं। उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए जहां खेल प्रशिक्षकों की कमी है वहीं आधुनिक खेल संसाधनों का भी अभाव बना हुआ है।
विज्ञापन
जोगिंद्रनगर शहर में खेल विभाग एवं युवा सेवाएं विभाग की ओर से स्थापित खेल स्टेडियम में उपलब्ध कुछ खेल संसाधनों पर ताले लटकने से खिलाड़ियों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। ऊबड़-खाबड़ मैदान में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को पर्याप्त खेल उपकरण और मैट जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि जोगिंद्रनगर और चौंतड़ा खेल मैदान के जीर्णोद्धार के लिए पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में बजट का प्रावधान किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने इस बजट को खर्च करने पर भी रोक लगा दी। वहीं, कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के खिलाड़ियों की समस्याओं को खेल मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा और इनके उचित समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
एथलेटिक्स सेंटर जोगिंद्रनगर के खेल मैदान में सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा मिलने से युवाओं की प्रतिभा तराशना आसान होगा। यह सुविधा यहां मिलनी चाहिए। -पुनीत कुमार, स्थानीय निवासी
जोगिंद्रनगर के खेल मैदानों में आधुनिक सुविधाओं का अभाव खिलाड़ियों के लिए परेशानियों का कारण बन रहा है। खेल विभाग को इस विषय पर संज्ञान लेना चाहिए। -सोहन लाल, समाज सेवी
विज्ञापन
अभ्यास के लिए बेहतर मैदान और 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा न होने से खिलाड़ियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खिलाड़ियों को ऊबड़-खाबड़ मैदान में अभ्यास के दौरान चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है। जोगिंदरनगर, चौंतड़ा और लडभड़ोल के खेल मैदानों में संसाधनों की कमी पर खिलाड़ियों में रोष है।
विज्ञापन
उपमंडल की करीब 55 पंचायतों से जुड़े 300 से अधिक खिलाड़ियों को मौजूदा परिस्थितियों में सेना और पुलिस भर्ती सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए लगातार पसीना बहा रहे हैं। उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए जहां खेल प्रशिक्षकों की कमी है वहीं आधुनिक खेल संसाधनों का भी अभाव बना हुआ है।
विज्ञापन
जोगिंद्रनगर शहर में खेल विभाग एवं युवा सेवाएं विभाग की ओर से स्थापित खेल स्टेडियम में उपलब्ध कुछ खेल संसाधनों पर ताले लटकने से खिलाड़ियों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। ऊबड़-खाबड़ मैदान में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को पर्याप्त खेल उपकरण और मैट जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि जोगिंद्रनगर और चौंतड़ा खेल मैदान के जीर्णोद्धार के लिए पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में बजट का प्रावधान किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने इस बजट को खर्च करने पर भी रोक लगा दी। वहीं, कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के खिलाड़ियों की समस्याओं को खेल मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा और इनके उचित समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
एथलेटिक्स सेंटर जोगिंद्रनगर के खेल मैदान में सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा मिलने से युवाओं की प्रतिभा तराशना आसान होगा। यह सुविधा यहां मिलनी चाहिए। -पुनीत कुमार, स्थानीय निवासी
जोगिंद्रनगर के खेल मैदानों में आधुनिक सुविधाओं का अभाव खिलाड़ियों के लिए परेशानियों का कारण बन रहा है। खेल विभाग को इस विषय पर संज्ञान लेना चाहिए। -सोहन लाल, समाज सेवी